फरीदाबाद की नीमका जेल में कैदी ने दी जान, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप... 11 महीने से जेल में बंद था मृतक
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 01:29 PM (IST)
फरीदाबाद (अनिल राठी) : फरीदाबाद की नीमका जिला जेल में आज सुबह बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना (25) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 11 महीने से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेल के अस्पताल में था 3 दिनों से एडमिट
जेल सूत्रों के अनुसार ऋतिक उर्फ रंकित के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास समेत करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते उसे जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात उसने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब जेल स्टाफ ने जब उसे उसके बेड पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान अस्पताल के बाथरूम में वह फंदे से लटका मिला। कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों ने जेल डिप्टी पर लगाए आरोप
मृतक के भाई राजेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई को जेल के अंदर प्रताड़ित किया जाता था। उनका आरोप है कि जेल डिप्टी साजिद खान द्वारा अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था और उसने यह कदम उठाया। जेल डिप्टी साजिद खान ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जेल में सभी बंदियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और ऋतिक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
नीमका जेल पहले भी रही है सुर्खियों में
फरीदाबाद की नीमका जेल बीते कुछ महीनों में कई गंभीर घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। फरवरी 2026 में जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की एक अन्य कैदी द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन के कई अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था। मार्च 2026 में जेल के भीतर दो कैदियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि एक कैदी ने दूसरे के चेहरे पर खौलता तेल फेंक दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही के आरोप लगाए थे। अब ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना की आत्महत्या के बाद एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस, जेल प्रशासन और मजिस्ट्रेट स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।
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