कोर्ट से रोडवेज के कर्मियों को मिली बड़ी राहत, 2 साल की अस्थायी सेवा रिकॉर्ड में गिनने का आदेश..मिलेगी Gratuity
punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 01:23 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा रोडवेज में अम्बाला डिपो से रिटायर्ड 5 कर्मियों द्वारा विभाग के खिलाफ दाखिल किए केस में जिला कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि कर्मचारियों की नियमितीकरण से पहले की कांट्रैक्ट या टेंपरेरी सर्विस की अवधि को भी उनकी पेंशन व अन्य पेंशनरी बेनिफिट्स के निर्धारण के लिए क्वालिफाइंग सर्विस के रूप में गिना जाए।
कोर्ट ने रोडवेज विभाग को आदेश दिया है कि सेवानिवृत्ति की तारीख से वास्तविक भुगतान तक 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ 90 दिनों में बकाया राशि जारी की जाए। दरअसल नारायणगढ़ सब डिपो से बतौर इंचार्ज रिटायर हुए सब-इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार, इंस्पेक्टर गुलजारी लाल, कंडक्टर रामशरण, ड्राइवर हरभजन सिंह, ड्राइवर पप्पू ने अम्बाला रोडवेज महाप्रबंधक और रोडवेज डायरेक्टर के खिलाफ केस दाखिल किया था।
दाखिल याचिका में बताया कि वह 10.10.1993 का को चयन प्रक्रिया के तहत रोडवेज में बतौर कंडक्टर नियुक्त हुए थे। खाली में पद होने के बावजूद उन्हें टेंपरेरी/कांट्रैक्ट आधार पर रखा। 2 वर्ष बाद विभाग ने 19.10.1995 को उनकी सेवाओं को रेगुलराइज कर दिया था। जब वह रिटायर हुए तो विभाग ने पेंशन लाभ तय करते समय उनकी 10.10.1993 से 19.10.1995 की टेंपरेरी सेवा अवधि को रिकॉर्ड में नहीं जोड़ा। विभाग ने केवल रेगुलर की तारीख (9.10.1995) के बाद की सेवा को ही पेंशन के लिए माना।