शैलजा अशोक तंवर की तरह हवा में उड़ने वाली नहीं: शमशेर सिंह गोगी

7/9/2021 8:34:13 AM

चंडीगढ (धरणी) : नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में दिल्ली में कई दिनों से 22 विधायक डेरा डाले रहे। इस प्रकार का फ्रंट पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के खिलाफ भी खोला गया था। इसी गुटबाजी के कारण अशोक तंवर को पद भी गंवाना पड़ा था। आज वही इतिहास दोबारा से दोहराया जा रहा है और प्रदेश की अध्यक्ष कुमारी शैलजा को पद से हटाने के लिए यह मोर्चा खुलकर सामने आ गया है। इस बारे में आज पंजाब केसरी ने कुमारी शैलजा गुट के माने जाने वाले असंध विधायक शमशेर सिंह गोगी से खास बातचीत की। हुड्डा खेमे के 22 विधायकों के दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन के बाद शेलेजा गुट के विधायक शमशेर सिंह गोगी ने  तीखा हमला किय्या है।

गोगी ने कहा कि पार्टी माँ है, जो अपनी मां के साथ धोखा करेगा, उसके पैर कभी भी धरती पर लगने वाले नहीं ।शैलजा अशोक तंवर की तरह हवा में उड़ने वाली नहीं है।गोगी ने कहा कि वह कांग्रेसी विधायक है।अंतर आत्मा से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शेलेजा के साथ है। जिसमें शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि पार्टी मां होती है। पार्टी सबसे बड़ी होती है जो अपनी मां की सेवा नहीं करेगा, उसके साथ धोखा करेगा, उसके पैर कभी भी धरती पर लगने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 31 में से 22 विधायक दिल्ली में पार्टी प्रदेश प्रभारी वेणुगोपाल से मिलने गए हैं। जिसकी सूचना उन्हें नहीं दी गई थी।लेकिन 7-8 विधायकों से उनकी बात जरूर हुई है। सभी ने बनने वाले संगठन में अपनी अच्छी पोजीशन के लिए मुलाकात की बात कही है। इसमें कितनी सच्चाई है इस बारे में दावा नहीं कर सकता। मुलाकात करने में दिक्कत नहीं है। लेकिन मुलाकात की मंशा ठीक होनी चाहिए।

शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि मुझे किसी और विधायक का नहीं पता। लेकिन मैं कांग्रेस के साथ हूं। कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा के साथ हूं और मुझे टिकट दिलवाने में उन्होंने मेरी बहुत मदद की है।इसलिए पार्टी से अलग अगर किसी व्यक्ति के लिए कुछ करना पड़ेगा तो मैं शैलजा के साथ रहूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रभारी से मिलना कोई अनुशासनहीनता नहीं है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति नंबर बनाने के लिए बाहर आकर टीवी पर कुछ बोलता है तो इससे बड़ी अनुशासनहीनता भी नहीं। उन्हें कांग्रेस के मंच पर या कांग्रेस के नेताओं के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। इस प्रकार के दबाव की राजनीति बिल्कुल गलत है और न ही पार्टी इस प्रकार के दबाव की राजनीति मानेगी।

उन्होंने कहा कि मुझे 40 साल के बाद कांग्रेस पार्टी ने टिकट दी। टिकट के कारण मैं विधायक बना। तो क्या मैं आज पार्टी को घूरने लगूं। अगर यह लोग अपने पिछले एक डेढ़ साल का रिकॉर्ड और व्यवहार देखें कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया तो आंखें खुल जाएंगी। कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा जन्मजात कांग्रेसी हैं। उनके खून की रग-रग में कांग्रेस है। यह अशोक तंवर की तरह की अध्यक्ष नहीं है। अशोक तंवर और शैलजा में दिन और रात का फर्क है। शैलजा एक मजबूत अध्यक्ष हैं। वह अशोक तंवर की तरह हवा में उड़ने वाली नहीं है। शैलजा जी के साथ हरियाणा की जनता है।  कांग्रेस के सारे नेता उनके साथ हैं और वह मजबूत लीडर हैं। शैलजा के खिलाफ जाना अपने खिलाफ जाने वाली बात है।

बता दें कि शमशेर सिंह गोगी पहली बार विधायक बने हैं। लेकिन इनका नाता कांग्रेस पार्टी से पांच दशक पुराना है। इनकी रग-रग में कांग्रेस बसी हुई है। राजीव गांधी जब जीवित थे तो अमेठी चुनाव में हरियाणा में से शमशेर सिंह गोगी समेत एक आध और नेता की ड्यूटी चुनाव में लगाई जाती थी। गोगी ने कांग्रेस को सींचने के लिए खूब पसीना बहाया है। शमशेर सिंह गोगी पेशे से वकील भी रह चुके हैं। गोगी  ने बताया कि उन्होंने पिछले साल मुख्यमंत्री मनोहर से मिलकर असंध को जिला बनाने की मांग रखी। इसी के साथ दस अन्य मांग भी  सीएम के समक्ष रखी। इनमें असंध-करनाल मार्ग से टोल टैक्स को हटाकर जींद की सीमा पर लगाए जाने की मुख्य मांग है।

उन्होंने सीएम को लिखित में मांग की है कि जिस प्रकार चरखी दादरी, हांसी, गोहाना को दूसरे जिलों से कम दूरी होने पर भी जिला बनाया गया है। इसी तरह असंध चार जिलों जींद, कैथल, पानीपत, करनाल से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसलिए असंध को भी जिला बनाया जाए। इसी तरह उन्होंने मुख्यमंत्री से असंध में स्पोर्ट्स काॅलेज बनवाए जाने, अधूरे बाईपास को पूरा बनवाने की भी मांग की।

गोगी ने बताया कि असंध में अदालत तो है, उसमें अतिरिक्त सेशन जज की नियुक्ति की मांग रखी है। असंध के सिविल अस्पताल की बुरी दशा को सुधारने की मांग की। गोगी ने कहा कि सालवन गांव की 22 एकड़ भूमि श्राइन बोर्ड के तहत आती है, इसको देखते हुए सालवन तीर्थ को ऐतिहासिक, धार्मिक रूप से विकसित किया जाना चाहिए। हलके के गांव पक्का खेड़ा के पास टोल लगाने का असंध के लोगों को नुकसान होगा, क्योंकि असंध करनाल जिला के तहत है। इसलिए किसानों और व्यापारियों को हर रोज किसी न किसी काम से करनाल अपने वाहनों में जाना पड़ता है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। 

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Content Writer

Manisha rana

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