कलियुगी रिश्ता: अस्पताल में भाई का शव छोड़ चली गई बहन, आश्रम संचालक से बोली- तुसी ही कर दो संस्कार....अस्थियां भी नहीं ली

punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 10:40 AM (IST)

कुरुक्षेत्र(रणदीप): संस्कार भी असी करिए, अस्थियां भी तुसी नी ले जा सकदे। हांजी, हांजी… तुसी ही कर दो संस्कार, तवाडी बौत मेहरबानी होवेगी। मेरे पास समा है नी। मैं रुक नहीं सकदी। जे मैं आप ठीक होंदी , ते रुक जांदी।

PunjabKesari

ये बातचीत हो रही है दिल्ली के उत्तम नगर की रहने वाली पुष्पा रानी और बाबा फरीद अनाथ आश्रम के संचालक बाबा निशान सिंह के बीच। हिंदी भाषा में कहे तो पुष्पा बाबा फरीद से कह रही है कि "आप ही कर दो संस्कार, आपकी बहुत मेहरबानी होगी। मेरे पास समय नहीं है। मैं रुक नहीं सकती। अगर मैं खुद ठीक होती, तो रुक जाती।"

मामला है पुष्पा के इकलौते बड़े भाई जुगल किशोर (71) के अंतिम संस्कार का, जिनका शव कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में पड़ा था। बाबा निशान सिंह ने पुष्पा को अंतिम संस्कार के लिए बुलाया था। पहले तो वह बड़ी मुश्किल से आने को राजी हुई, लेकिन आने के कुछ देर बाद ही भाई के शव को अस्पताल में ही छोड़कर रिश्तेदार के साथ चली गई।

PunjabKesari
इसके बाद बाबा निशान सिंह और आश्रम कमेटी ने ही जुगल किशोर का अंतिम संस्कार किया। अस्थि विसर्जन भी आश्रम की ओर से सरस्वती नदी में किया गया। बाबा निशान का कहना था कि बहन-भाई के ऐसे रिश्ते को देख बेहद दुख हुआ।

PunjabKesari
दिल्ली का रहने वाला, 10 साल से तीर्थ में रह रहा था 
 पिहोवा के नेशनल हाईवे 152D के पास बने आश्रम की देखरेख कर रहे बाबा निशान सिंह ने बताया कि दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला जुगल किशोर करीब 10 साल से पिहोवा के सरस्वती तीर्थ में रह रहा था। परिवार के बारे में केवल उसकी छोटी बहन पुष्पा की ही जानकारी है, जिससे मिलने के लिए जुगल किशोर अक्सर मिलने जाता रहता था। उसकी शादी भी नहीं हुई थी। इसके अलावा किस अन्य परिजन का अता-पता नहीं था।

दो सप्ताह पहले तबीयत बिगड़ी, आश्रम ले आए : दो सप्ताह पहले जुगल किशोर की तबीयत खराब हुई तो वे उसे अपने साथ आश्रम ले आए और इलाज कराया। वह कई दिन तक पिहोवा सरकारी अस्पताल में भर्ती रहा। इस दौरान उसकी बहन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उसे कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल रेफर कर भर्ती करा दिया।

इलाज के दौरान मौत, बहन देखने नहीं आई
 बाबा निशान सिंह के मुताबिक, काफी प्रयास के बाद जुगल की छोटी बहन पुष्पा रानी से संपर्क हुआ। जुगल की तबीयत ज्यादा खराब होने की बात बताते हुए बहन को आखिरी बार देखने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह लगातार टालमटोल करती रही। 4 सितंबर को जुगल की इलाज के दौरान मौत हो गई।
 

मौत पर अस्पताल पहुंची, संस्कार में नहीं आई
 भाई की मौत की खबर देने पर जुगल की बहन पुष्पा बड़ी मुश्किल से कुरुक्षेत्र अस्पताल पहुंची। आखिर बार अपने भाई का शव बिस्तर पर ही देखा। तब उन्होंने उससे भाई के संस्कार की बातचीत की। इस पर पुष्पा ने टाइम नहीं होने की बात कहते हुए साफ मना कर दिया।

बाबा निशान सिंह ने बताया कि अंतिम संस्कार में शामिल होने से मना करने पर उन्होंने पुष्पा से पूछा कि अस्थियां तो आपकों ही विसर्जित करनी होगी। इस पर पुष्पा ने हाथ जोड़ लिए। कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। इसलिए वह न तो अंतिम संस्कार में शामिल हो सकती है और न ही अस्थियां विसर्जित कर सकती है। यह सबकुछ आप ही कर देना, आपकी मेहरबानी होगी।

PunjabKesari


बहन शव छोड़ गई, आश्रम कमेटी ने किया अंतिम संस्कार

बाबा निशान सिंह के मुताबिक, इतना कहने के बाद पुष्पा अपने एक रिश्तेदार के साथ वहां से चली गई। उसने भाई के अंतिम दर्शन तक नहीं किए। यह देख उन्हें बेहद दुख हुआ। इसके बाद उन्होंने आश्रम कमेटी से बात की और जुगल किशोर के शव को पिहोवा लाकर उसका अंतिम संस्कार किया। मंगलवार को संस्कार के बाद अस्थियां को सरस्वती में प्रवाहित किया गया तो यह वीडियो सामने आए, जिन्हें देखकर कोई कह रहा है कि अब सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को कोई मूल्य नहीं रह गया है। इकलौते भाई के लिए पुष्पा का यह कदम पूरी तरह अनुचित है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static