दिन-रात धड़ल्ले से जल रही पराली, हुड्डा ने किया समर्थन, अभय चौटाला को बताया भतीजा

punjabkesari.in Saturday, Nov 13, 2021 - 11:31 PM (IST)

रोहतक (दीपक भारद्वाज): रोहतक जिले में दिन-रात पराली जलाई जा रही है वहीं अब पराली जलाने वाले किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आ गए हैं। हुड्डा का कहना है कि जब सरकार पराली खरीदेगी ही नहीं तो किसान कहां लेकर जाएं। इसके अलावा फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान पर नसीहत देते हुए हुड्डा ने कहा कि कंगना को बयान देने से पहले इतिहास की पढ़ाई करनी चाहिए, तब जाकर पता चलेगा कि आजादी कितनी कुर्बानी और मुश्किल से मिली है। इसके अलावा हुड्डा ने अभय चौटाला को अपना भतीजा भी बताया है।

दिल्ली एनसीआर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर जहां दिल्ली सरकार हरियाणा पर इसका ठीकरा फोड़ रही है, वहीं जिले में किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे। रोहतक जिले में लगातार किसान पराली जला रहे हैं, जिला प्रशासन दावे कर रहा है कि उनके यहां सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है और कोई पराली नहीं जलाई जाती, जबकि तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि खेत में पराली जलाई जा रही है और धुंआ दूर तक फैला हुआ है।

वहीं पराली जलाने वाले किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आ गए हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तर्क दिया है जब तक सरकार किसानों की पराली खरीदेंगे ही नहीं तो किसान पराली को कहां लेकर जाएं और इसका क्या करें, यानी कहीं ना कहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा का इशारा था कि किसान मजबूर होकर पराली जला रहा है।

अभय चौटाला को बताया भतीजा
ऐलनाबाद उपचुनाव में हुई कांग्रेस पार्टी की हार को लेकर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस हार के कारणों की तह तक जाना चाहिए और जांच होनी चाहिए कि किसका क्या रोल रहा है? कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार कहां से आया इन सभी मुद्दों की जांच बहुत जरूरी है। वहीं अभय सिंह चौटाला को लेकर हुड्डा ने कहा कि मैंने गोपाल कांडा को कभी अपना भाई नहीं बताया, बल्कि अभय सिंह चौटाला को अपना भतीजा बताया है। हुड्डा ने कहा कि गोपाल कांडा उनकी कैबिनेट में मंत्री रहे हैं और उनके साथ मित्रता का नाता है।

कंगना को पढऩा चाहिए इतिहास
वहीं दूसरी ओर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले बयान को लेकर भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कंगना रनौत को नसीहत दे डाली। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि आजकल के युवा इतिहास नहीं पढ़ते अगर वे इतिहास पढ़ कर बयान दें तो पता चलेगा कि 1947 में जो आजादी मिली थी वह कितनी कुर्बानियों के बाद मिली थी। गौरतलब है कि फिल्म अभिनेत्री कंगना राणावत ने बयान दिया था कि उन्हें असली मायने में आजादी 26 मई 2014 को मिली है।
 

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Content Writer

Shivam

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