विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए प्रशासन ने बनाया हेल्पडेस्क, टोल फ्री नंबर 1950 से मिलेगी जानकारी : विश्राम कुमार मीणा
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 05:50 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 जून से 14 जुलाई तक चलाए जाने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026) अभियान की सभी तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है तथा टोल फ्री नंबर 1950 भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां नागरिक पुनरीक्षण अभियान से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिले की चारों विउपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 जून से 14 जुलाई तक चलाए जाने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026) अभियान की सभी तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है तथा टोल फ्री नंबर 1950 भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां नागरिक पुनरीक्षण अभियान से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।धानसभा क्षेत्रों में 810 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर 7 लाख 83 हजार 976 मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण करेंगे। इससे पहले मुख्य चुनाव अधिकारी हरियाणा श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर विस्तृत जानकारी साझा की जा चुकी है। विभिन्न प्रपत्रों के उपयोग, प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही मतदाताओं की मैपिंग का कार्य भी लगातार जारी है। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया का भी सहयोग लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 5 जून से 14 जून तक सभी बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह बताया जाएगा कि किस श्रेणी के मतदाता से कौन-सा प्रपत्र भरवाना है और उसे सही तरीके से कैसे पूरा करना है। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में शामिल है, उन्हें उसी अवधि से संबंधित विवरण देना होगा, जबकि वर्ष 2002 के बाद मतदाता बने लोगों को अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवानी होगी।
विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जो मतदाता वर्तमान में अपने गांव या शहर से बाहर रहते हैं, उनके परिवारजन भी संबंधित प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा करवा सकते हैं। इससे किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकेंगी। मतदाता सबसे पहले संबंधित आरओ अथवा एसडीएम के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर डीआरओ/उपायुक्त तथा उसके बाद निर्वाचन आयोग स्तर तक भी अपील की जा सकेगी। 21 जुलाई से 18 सितंबर तक सुनवाई के बाद दावों एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा तथा 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चार-चार सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) नियुक्त किए गए हैं। मतदाता वर्ष 2002 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा तथा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 14 जुलाई तक मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन का कार्य भी पूरा किया जाएगा। जिन बूथों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, वहां मतदाताओं का पुनर्वितरण किया जाएगा। इसके तहत 101 बूथों के मतदाताओं को समीपवर्ती बूथों में स्थानांतरित किया जाएगा तथा लगभग 75 नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। हालांकि रेशनलाइजेशन प्रक्रिया के दौरान इनकी संख्या में परिवर्तन संभव है।
बैठक में नगराधीश आशीष कुमार, चुनाव तहसीलदार संदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।