Haryana में इस परियोजना को मिलेगी गति, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दिए ये आदेश

punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 06:27 PM (IST)

चंडीगढ(चन्द्र शेखर धरणी ): केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने जम्मू-कश्मीर राज्य में चल रही विद्युत परियोजनाओं को गति देने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने सैलास विद्युत परियोजना को गति देने के साथ बांध से गाद हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने, विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने रियासी, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में भी परियाजनाओं का निरीक्षण किया। 

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को एनएचपीसी के सलास पावर स्टेशन का दौरा किया, जहां पर उन्होंने चल रहे कामों की समीक्षा की और एनएचपीसी को सलाल जलाशय (बांध) से गाद हटाने के काम में तेजी जाने के निर्देश दिए। बता दें, रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित सलाल पावर स्टेान सिंधु जल संधि के खत्म होने के बाद गाद हटाने का काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमा हुई गाद को हटाने के साथ जल संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल में लाना है। 

जम्मू दौरे पर पहुंचने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का एनएचपीसी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने किया। भूपेंद्र गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री और सचिव (पावर) को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में स्थित एनएचपीसी की विभिन्न चल रही और प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।  

सैलास पावर स्टेशन पर किया पौधारोपण 
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने जम्मू दौरे के दौरान सैलाल पावर स्टेशन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया। मनोहर लाल ने स्थानीय प्रशासन और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों के समयबद्ध और समन्वित क्रियान्वयन पर चर्चा की।

वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने किश्तवाड़ जाते समय मार्ग में 1856 मेगावाट क्षमता वाली सावलकोट जलविद्युत परियोजना का हवाई निरीक्षण किया। किश्तवाड़ पहुंचने पर उन्होंने रैटल जलविद्युत परियोजना का दौरा किया, जहां उन्होंने बांध कंक्रीटिंग कार्यों की आधारशिला रखी। उन्होंने परियोजना टीम को प्रभावी ढंग से और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय मंत्री किश्तवाड़ जिले में एनएचपीसी की अन्य चल रही परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। यह दौरा जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत क्षमता के दोहन, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 


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Imran

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