होमगार्ड भर्ती का सच आया सामने: जिला कार्यालय नहीं, सीधे चंडीगढ़ से कटी थी हरी झंडी, 5 साल का रिकॉर्ड आया बाहर

punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 05:31 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा में होमगार्ड बेलफेयर भर्ती घोटाले की जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से एसीबी को सौंपे गए दस्तावेज में अहम खुलासा हुआ है।दस्तावेज में सामने आया कि वर्ष 2020 से 2025 के दौरान कुल 63 स्वयंसेवकों को होमगार्ड में एनरोल किया गया। जबकि इस दौरान मुख्यालय स्तर से स्वयंसेवकों को एनरोल करने पर रोक लगी हुई थी।

आरटीआई से जवाब मांगने वाले शिकायतकर्ता कर्मबीर अलोवा ने संबंधित दस्तावेज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। आरटीआई में बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 में सबसे अधिक 31 स्वयंसेवकों का एनरोलमेंट किया गया। इसके बाद वर्ष 2021 में 8, वर्ष 2022 में 11 और वर्ष 2025 में 13 स्वयंसेवकों को होमगार्ड में शामिल किया गया। इस प्रकार पांच वर्षों में कुल 63 स्वयंसेवकों की भर्ती हुई है।जवाब में स्पष्ट किया कि जिला आदेशक कार्यालय नारनौल की ओर से स्वयंसेवकों के एनरोलमेंट के लिए अलग से कोई पत्र चंडीगढ़ मुख्यालय को नहीं भेजा गया था। रिकॉर्ड के अनुसार सभी स्वयंसेवकों का एनरोलमेंट महानिदेशक कार्यालय, चंडीगढ़ से प्राप्त स्वीकृति के बाद ही किया गया।

इसके अलावा विभाग ने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 के दौरान प्राप्त स्वीकृत्तियों की प्रतियां भी क रिकॉर्ड के अनुसार उपलब्ध कराई उन गई हैं। आरटीआई के इस खुलासे से होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया और स्वीकृति स्वीकृ कि संबंधी व्यवस्था पर महत्वपूर्ण तथ्य दा सार्वजनिक हुए हैं। 


उम्र की हेराफेरी भी उजागर हो चुकी
इससे पूर्व गृह रक्षा (होमगार्ड) विभाग से पुराने भर्ती रिकॉर्ड को लेकर मांगी गई जानकारी में विभाग ने स्वीकार किया कि संबंधित स्वयंसेवक की आयु एनरोलमेंट के समय 17 वर्ष तीन माह दर्ज थी। इस मामले में जांच अधिकारी डीएसपी, एसीबी शुक्रपाल सिंह का कहना है कि लगातार शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने के साथ-साथ उनके प्राप्त दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। प्राथमिक जांच के बाद संदेश में आने वाले अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जांच पूरी होने तक इससे ज्यादा कुछ भी नहीं बता सकता हूं।
 


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Content Writer

Isha

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