IDFC बैंक फ्रॉड में दो और आरोपी गिरफ्तार, दोनों हरियाणा में सरकारी विभागों के अधिकारी, घोटाले में रही भूमिका

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 09:05 AM (IST)

चंडीगढ़ : हरियाणा के सरकारी विभागों के खातों में हुए आई.डी.एफ.सी. बैंक के 590 करोड़ घोटाले में 2 अफसरों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने फ्रॉड की बैंक कर्मियों साथ साजिश रची थी। दोनों को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया गया। वहीं सावन ज्वैलर का मालिक राजन भी 4 दिन के रिमांड पर है। अंकुर शर्मा को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। दोनों अधिकारियों ने जानबूझ कर हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का उल्लंघन किया और बैंक के आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी करने की साजिश रची। दोनों ने ही रिश्वत के रूप में बड़ी रकम पाई।

दरअसल दोनों ने बैंक मैनेजर को पहले तो विभागों का पैसा एफ.डी. में निवेश करने की इजाजत दी। फिर रकम को एफ. डी. में जमा करने के बजाय शेल कम्पनियों में डायवर्ट कर दिया। ए.सी. बी. की टीम ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में तैनात राजेश सांगवान (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद में तैनात रणधीर सिंह (नियंत्रक वित्त एवं लेखा) को रविवार को गिरफ्तार किया है।

7 पी. सी. एक्ट की धारा भी जोड़ी

सरकारी कर्मियों के द्वारा फ्रॉड में शामिल होने व रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने के फैक्ट सामने आने पर ए.सी.बी. ने केस में 7 पी.सी. एक्ट की धारा भी जोड़ी है। अभी तक पंचायत विभाग के सुपरिडेंट व 2 अकाऊंट अफसर की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिन्होंने फ्रॉड में साथ देने के लिए रिश्वत की रकम ली है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन द्वारा मुख्य आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन किया गया व इसके लिए भारी कमीशन प्राप्त किया। आरोपी द्वारा इन फर्मों/कम्पनियों के नाम सोने के आइटम्स बेचना दिखाया गया। आरोपी राजन ने इस मामले में धोखाधड़ी की शुरूआत से ही षड्यंत्र रचने में अहम भूमिका निभाई तथा पूर्व योजना के तहत अपराध को अंजाम देने में सक्रिय योगदान दिया।

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Content Writer

Manisha rana

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