बढ़ती बेरोजगारी, अपराध, किसानों व प्रदेश की हालत देखकर पीड़ा होना लाजमी : हुड्डा

2021-06-19T08:53:18.843

चंडीगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल जिसे मेरी राजनीतिक पीड़ा बता रहे हैं, वह हर हरियाणवी की मानवीय पीड़ा है। हुड्डा ने कहा कि उन्हें इस बात की पीड़ा है कि जिस हरियाणा को हमने साढ़े नौ साल की कड़ी मेहनत से देश का नंबर वन राज्य बनाया था, उसे भाजपा के कुशासन ने देश के फिसड्डी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया। कांग्रेस कार्यकाल में हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार सृजन, किसानों के हित, खिलाडिय़ों के मान-सम्मान समेत तमाम पैमानों पर देश का अग्रणी राज्य था, लेकिन भाजपा कार्यकाल में यह अपराध, बेरोजगारी, प्रदूषण, कर्ज, घोटाले, किसानों पर अत्याचार और बदहाली में अग्रणी हो गया है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार में हुए इस नकारात्मक विकास पर हर प्रदेशवासी को पीड़ा महसूस हो रही है। 

हुड्डा ने कहा कि उन्हें प्रदेश के किसानों की हालत देखकर पीड़ा होती है, क्योंकि वो 7 महीने से अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें इस बात की पीड़ा है कि आज हरियाणा के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश का युवा देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहा है और अपराध व नशे के चंगुल में फंस रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार भले ही आंखें मूंदकर बैठी हो, लेकिन एक हरियाणवी, एक राजनीतिज्ञ, जिम्मेदार विपक्ष और एक इंसान होने के नाते उन्हें रोज-रोज होने वाली हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती, फिरौती, चोरी और अपहरण की वारदातों को देखकर पीड़ा होती है। 

बैड, ऑक्सीजन व दवाइयों के अभाव में मरते लोगों को देखकर हुई पीड़ा
हुड्डा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हॉस्पिटल बैड, ऑक्सीजन और दवाइयों के अभाव में मरते हुए लोगों को देखकर पीड़ा महसूस हुई। जिन लोगों ने सरकारी बदइंतजामी की वजह से अपने परिजनों को खो दिया, उन लोगों का दर्द देख कर उन्हें अत्यंत पीड़ा हुई। लोगों की कराह और उनका दुख देखकर पीड़ा होना एक मानवीय गुण है। क्या मुख्यमंत्री या सत्ता में बैठे हुए लोगों में ऐसी मानवीय संवेदना नहीं है?

हुड्डा ने कहा कि सिर्फ उन्हें नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता को भी यह देखकर अत्यंत पीड़ा हुई होगी कि महामारी के दौर में भी मौजूदा सरकार का सारा ध्यान रजिस्ट्री और शराब जैसे घोटालों को अंजाम देने और उन पर पर्दा डालने पर था। हुड्डा ने कहा कि उन्हें इस बात की भी पीड़ा है कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को सिर से लेकर पैर तक कर्ज में डुबो दिया है। आज हरियाणा में हर बच्चा अपने सिर पर लगभग एक लाख का कर्ज लेकर पैदा होता है।

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Content Writer

Manisha rana

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