कामयाब प्रयास: यूपीएससी में 4 बार असफल रहीं उषा, जिद्द पर अड़ी तो मिली सफलता
punjabkesari.in Wednesday, Jun 01, 2022 - 09:03 AM (IST)
रेवाड़ी: 4 बार असफलता के बाद भी हार नहीं मानी, लक्ष्य एक ही था यूपीएससी एग्जाम क्लियर करना और इसी जिद से शहर के सेक्टर-3 निवासी उषा यादव ने ये कर भी दिखाया। सोमवार को जारी हुए परिणाम में उषा यादव को 345वीं रैंक हासिल हुई हैं। उषा यादव पिछले 9 सालों से ये सपना देख रही थी, जो अब हकीकत में बदल गया है।
दिल्ली में बतौर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर कार्यरत उषा यादव ने अपनी सफलता के बाद कहा कि लक्ष्य तय कर मेहनत की जाए तो सपने सच होते हैं। उषा यादव सेवानिवृत्त रसायन शास्त्र प्राध्यापक एवं हसला के पूर्व जिला प्रधान जोगेंद्र सिंह यादव की पुत्रवधू हैं। उषा निरंतर सिविल सेवा की तैयारी में जुटी रहीं। बता दें कि उषा महेंद्रगढ़ जिले के गांव भाखरी की बेटी हैं। उनके पिता इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह यादव बीएसएफ से सेवानिवृत्त है तथा माता सुमित्रा गृहिणी है। उषा के परिवार को उषा ने एग्जाम पास कर उन्हें गौरव का मौका दिया है। उषा यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, सास-ससुर, पति तथा अन्य परिजनों के साथ गुरुजनों को दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी किंतु साक्षात्कार में होने सफलता नहीं मिली थी।
चार बार की निराशा से लगा कि मुश्किल है, मगर प्रयास जारी रखे
उषा बताती हैं कि सबसे पहले उन्होंने 2013-14 में 2 बार एग्जाम दिया, मगर कामयाबी नहीं मिली। वर्ष 2016 में शादी हुई, इसके बाद भी दो बार परीक्षा में शामिल हुई, मगर तब भी निराशा हाथ लगी। 2019 में बेटा हो गया। बेटे को कभी मां के पास तो कभी सास के पास छोड़कर पढ़ाई करती थी। नौकरी की भी भागदौड़ रही। इसी बीच वर्ष 2019 में इस परीक्षा के लिए चयनित उनके गांव के अभिषेक यादव ने उनका मार्गदर्शन व प्रोत्साहन किया। अभिषेक यादव से सीखने पर पता लगा कि किन विषयों को प्रमुखता से पढ़ें, जिनमें परीक्षा में अधिक फोकस होता है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढा कि वे इस बार सिविल सेवा की परीक्षा को उत्तीर्ण अवश्य कर लेंगी। अब आईएएस या आईपीएस जिस भी सेवा में जाने का मौका मिलेगा, वे पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगी।