फार्मेसी लाइसेंस रिश्वत मामला : पंचकूला ऑफिस में रिकॉर्ड खंगालने पहुंची विजिलेंस की टीम

punjabkesari.in Tuesday, Jul 05, 2022 - 02:29 PM (IST)

पंचकूला(उमंग): हरियाणा राज्य फार्मेसी काऊंसिल में लंबे समय से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था। इसी मामले में विजिलेंस की टीम आरोपी प्रधान धनेश अदलखा और रजिस्ट्रार राजकुमार की तलाश में सोमवार को पंचकूला के सेक्टर 14 स्थित राज्य फार्मेसी काउंसिल के दफ्तर में पहुंच कर कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। टीम पंचकूला दफ्तर से रिकारड खंगालने में जुटी हुई है। इस दौरान विजीलेंस की टीम आरोपी सोहन लाल कंसल को भी साथ लेकर पहुंची हैं। इससे पहले टीम ने सोमवार को दोनों की तलाश में यमुनानगर व फरीदाबाद में भी छापे मारे, मगर वे हाथ नहीं लगे। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। जांच में सामने आया कि दोनों प्रदेश से बाहर जाकर भूमिगत हो गए हैं।

रिश्वत लेकर बनाए जाते थे फार्मेसी की लाइसेंस

डी.एस.पी. गौरव शर्मा ने बताया कि भागवी गांव के सत्यवान के बेटे ने पंजाब से डी-फार्मेसी की है। उसने मैडीकल स्टोर खोलने का लाइसैंस लेने के लिए साल 2021 में रजिस्ट्रेशन करवाया था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद लाइसैंस लेने के लिए ऑफलाइन कार्य भी होता है। वह इसके लिए 3-4 महीने से चक्कर काट रहा था। उस समय किसी ने भिवानी के सुभाष अरोड़ा का मोबाइल नंबर देकर कहा कि यह आदमी लाइसैंस बनवा सकता है। उसने संपर्क किया तो सुभाष ने लाइसैंस बनवाने के नाम पर 65 हजार रुपए मांगे। 30 हजार रुपए ऑनलाइन बताए गए खाते में डाल दिए थे और विजिलेंस ने शनिवार को भिवानी में 35 हजार रुपए लेते हुए सुभाष को पकड़ा था। विजिलेंस की टीम पूछताछ के बाद यहां के सेक्टर-13 में आई थी और आरोपी उप प्रधान सोहन लाल कांसल को गिरफ्तार कर भिवानी ले गई थी।

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Content Writer

Vivek Rai

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