'शराब पीकर शुभविवाह को खराब करने वाले शादी में न आए'...वायरल हुआ झज्जर का यह 'शादी कार्ड'
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 03:55 PM (IST)
झज्जर (दिनेश मेहरा) : आज के आधुनिक दौर में जहां विवाह समारोहों में 'शराब' परोसना एक स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है, वहीं क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित परिवार ने इस कुप्रथा के खिलाफ मोर्चा खोलकर नई मिसाल पेश की है। मूल रूप से गांव रेढूवास के निवासी और झज्जर के प्रमुख किरयाणा कारोबारी पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ ने अपने पौत्र अनिल के विवाह को केवल एक समारोह नहीं, बल्कि नशा-मुक्ति के एक अभियान में बदल दिया है।
यह पहल अब केवल कार्ड तक सीमित नहीं रही है। लोग इस अनोखे निमंत्रण पत्र की फोटो खींचकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस और ग्रुप्स में शेयर कर रहे हैं। समाज के बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा इस कदम को 'साहसिक' बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि हर परिवार इसी तरह नशे के प्रति सख्ती दिखाए, तो शादियों में होने वाले विवादों और सड़क दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

सनातन और शिक्षा का अद्भुत समन्वय
पंडित ओम प्रकाश वशिष्ठ, जो इलाके में अपनी विशिष्ट पहचान 'चोटी वाले' के रूप में रखते हैं। उन्होंने पौत्र की शादी के निमंत्रण पत्र पर यह साहसी संदेश छपवाया है। कार्ड के मुख्य पृष्ठ पर मोटे अक्षरों में लिखा है "शराब पीकर शुभ विवाह को खराब करने वाले शादी में न आएं।"
परिवार के मुखिया का कहना है कि शराब पीकर अक्सर लोग गरिमा खो देते हैं, जिससे मंगल उत्सव का आनंद फीका पड़ जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि किसी भी ऐसे व्यक्ति की वजह से बारात का माहौल या परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल हो। वशिष्ठ परिवार की खास बात यह है कि इनके परिवार के सभी बच्चे 'शिखा' (चोटी) रखते हैं। यह परंपरा केवल गांव तक सीमित नहीं है। परिवार के जो बच्चे चंडीगढ़ जैसे शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वे भी गर्व से अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जुड़े हुए हैं। पंडित ओम प्रकाश का मानना है कि शिक्षा व्यक्ति को आधुनिक बना सकती है, लेकिन संस्कार ही उसे इंसान बनाए रखते हैं।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)