पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने पर चौतरफा असर, किसानों पर भारी पड़ा डीजल...फल-सब्जियों के दाम छुएंगे आसमान
punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 08:07 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी ): सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल के रेट बढ़ाए जाने का अंदेशा टैक्स में बढ़ोतरी करने के बाद हरियाणा में भी पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ गए हैं। 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी से प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के करीब पहुंच गई है। डीजल भी 90 रुपए से ऊपर पहुंच गया है। राज्य में एक दिन में पेट्रोल की खपत लगभग 48.04 लाख लीटर है, जबकि डीजल की खपत 1.20 करोड़ लीटर है। इसके साथ ही, CNG पर 2 रुपए प्रति किलो रेट बढ़े हैं।
हरियाणा पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने कहा- सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम 10 रुपए तक बढ़ाने की योजना बना रही है। यह दाम या तो हर दिन 50 पैसे बढ़ सकते हैं, या फिर कुछ दिनों में एक साथ 3 रुपए बढ़ सकते हैं, लेकिन यह तय है कि दाम और बढ़ेंगे।
रेट बढ़ने से सीधा असर लोगों पर पड़ेगा। टैक्सी ऑपरेटर 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक एक्स्ट्रा चार्ज कर सकते हैं। किसानों पर भी प्रति एकड़ के हिसाब से 500 से 700 रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी तरह, दूसरे राज्यों से आने वाली फल और सब्जी भी महंगी होंगी।
टैक्सी के रेट 2 रुपए किलोमीटर तक बढ़ेंगे
पंचकूला के शिप्रा टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक अमित शर्मा ने बताया कि पहले पहाड़ी इलाकों के लिए 16 सीटर गाड़ी (ट्रैवलर) 33 से 35 रुपए प्रति किलोमीटर में जाती थी। वहीं, इनोवा गाड़ी के 22 से 25 रुपए प्रति किलोमीटर चार्ज होते थे। मैदानी भागों में इनके चार्ज 5 से 7 रुपए तक कम होते हैं। अब पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक खर्चा बढ़ सकता है।
हिसार से दिल्ली टैक्सी ले जाने पर 125 रुपए ज्यादा लगेंगे
हिसार में श्री बालाजी टूर एंड ट्रेवल कंपनी के मालिक कुलदीप पंघाल ने बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। कस्टमर इन बातों को नहीं समझता। वो बोलते हैं आपको 3 रुपए से क्या फर्क पड़ेगा। हिसार से दिल्ली टैक्सी ले जाने पर 100 से 125 रुपए का अतिरिक्त खर्च उन पर पड़ेगा। इसी तरह अगर हम हिसार से मनाली जाते हैं तो 1200 से 1500 रुपए का अतिरिक्त खर्च हम पर पड़ेगा।
किसानों को एक एकड़ पर 700 रुपए का अतिरिक्त बोझ
सोनीपत के किसान विजय सरोह ने बताया कि इस समय डीजल का इस्तेमाल सबसे ज़्यादा होता है, जिससे किसानों पर बोझ पड़ेगा। एक एकड़ में ट्रैक्टर से धान की सीधी बुआई (DSR) करने पर पहले 3,500 से 4,000 रुपए तक खर्च आता था, लेकिन अब इसमें 500 से 700 रुपए ज्यादा लगेंगे।