किसानों ने नहीं, सरकार ने रोक रखा है जनता का रास्ता : दर्शनपाल

4/22/2021 12:37:32 PM

सोनीपत (ब्यूरो) : संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा के आई.टी. सैल द्वारा किए जा रहे प्रचार पर एतराज जताया है और इसे भ्रामक प्रचार करार दिया है। मोर्चा का कहना है कि धरना देने वाले किसानों ने हाईवे नहीं रोक रखा है बल्कि केंद्र सरकार ने बैरिकेड लगाए हुए हैं। यहां जारी बयान में किसान संयुक्त मोर्चा की ओर से डा. दर्शनपाल ने कहा कि यह भाजपा आई.टी. सैल द्वारा लगातार प्रचार किया जा रहा है कि किसानों के धरने कोरोना से लड़ाई में बाधा डाल रहे हैं। यह झूठ फैलाया जा रहा है कि किसानों ने आक्सीजन से भरे ट्रक और अन्य जरूरी सामान के वाहन दिल्ली की सीमाओं पर रोके हुए हैं। किसानों पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वे कोरोना फैला रहे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा इन तमाम प्रयासों की निंदा और विरोध करता है। किसानों की कभी मंशा नहीं रही है कि वे सड़कों पर सोएं और अपने घरों व जमीन से दूर रहें। सरकार ने अमानवीय ढंग से इन कानूनों को किसानों पर थोपा है। किसान कुछ नया नहीं मांग रहे हैं, वे सिर्फ खेती को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस अस्तित्व की लड़ाई में वे कोरोना से भी लड़ रहे हैं और सरकार से भी। मोर्चा ने कहा कि लगातार हड़ताल, भारत बंद, रेल जाम करने के बाद भी जब सरकार ने किसानों की बात नहीं सुनी तो किसानों ने मजबूरी में दिल्ली का रुख किया।

किसानों ने पहले दिन से ही जरूरी सेवाओं के लिए रास्ते खोले हुए हैं। सरकार द्वारा लगाए गए भारी बैरिकेड सबसे बड़े अवरोध हैं। ऐसे में किसान सरकार से अपील करते हैं कि दिल्ली की तालाबंदी तोड़ी जाए ताकि किसी को कोई समस्या न हो। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है, पर मानवीय आधार पर किसान देश के आम नागरिक के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मोर्चा के आह्वान पर किसानों-मजदूरों के बड़े जत्थे दिल्ली की तरफ आना शुरू हो गए हैं। किसान फसल की कटाई के तुरंत बाद कुंडली, टिकरी, गाजीपुर, शाहजहांपुर मोर्चों को संभालने वापस लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को किसान की इतनी ही चिंता है तो वह तीनों कानूनों को रद्द करके एम.एस.पी. की गारंटी दे दे। वे खुद ही अपने घरों को लौट जाएंगे। 

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Content Writer

Manisha rana

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