मानेसर बवाल के बाद अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की सरकार ने जारी की अधिसूचना

punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 07:42 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो:  हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है, यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी। डीसी अजय कुमार ने यह जानकारी देते हुए जिले के सभी औद्योगिक संस्थानों एवं औद्योगिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे सरकार द्वारा अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के निर्णय को प्राथमिकता के साथ लागू करने में सहयोग करें। 

 

 

*न्यूनतम वेतन दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक हुई वृद्धि*

डीसी ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा संवेदी भाव से श्रमिकों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अकुशल (अनस्किल्ड) श्रमिक का वेतन 11274.60 रुपये से बढ़कर 15220 रुपये होगा, जिसके तहत लगभग 3945.40 रुपये की बढ़ोतरी होगी और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इसी प्रकार, अर्द्ध-कुशल (सेमी-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 12430.18 रुपये से बढ़कर 16780.74 रुपये होगा, जिसके अंतर्गत इस श्रेणी के श्रमिकों का 4350.56 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। डीसी ने बताया कि कुशल (स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 13704.31 रुपये से बढ़कर 18500.81 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का वेतन 4796.50 रुपये बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इस तरह, उच्च कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 14389.52 रुपये से बढ़कर 19425.85 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का 5036.33 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी भी लगभग 35 प्रतिशत होगी।

 

डीसी ने कहा कि औद्योगिक विकास किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार होता है, लेकिन इस विकास की वास्तविक शक्ति वहां कार्यरत श्रमिक होते हैं। ऐसे में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना सरकार एवं उद्योग जगत की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों एवं एसोसिएशनों से अपील की कि वे इस जनहितकारी पहल को सकारात्मक रूप से अपनाएं और अपने-अपने संस्थानों में इसे प्रभावी रूप से लागू करें। डीसी ने कहा कि इससे न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने-अपने औद्योगिक संस्थानों में कार्य पर वापस लौटें और उत्पादन गतिविधियों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। डीसी ने कहा कि श्रमिक और उद्योग, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए आपसी समन्वय और सहयोग से ही विकास की गति को और तेज किया जा सकता है।

 

डीसी अजय कुमार ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी वृद्धि को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रमिकों को इस निर्णय का पूर्ण लाभ मिल सके और जिले में श्रम कानूनों का पालन सख्ती से सुनिश्चित हो।


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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