गुरुग्राम से आगे निकलता नोएडा! होमबायर्स के लिए क्यों बन रहा है स्मार्ट चॉइस
punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 08:34 PM (IST)
गुड़गांव ब्यूरो : दिल्ली-एनसीआर के प्रॉपर्टी मार्केट में अब संतुलन बदलता दिख रहा है। जहां कभी गुरुग्राम प्रीमियम हाउसिंग के लिए पहली पसंद माना जाता था, वहीं अब नोएडा तेजी से उभरकर सामने आया है। किफायती कीमत, बेहतर शहरी योजना और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण यह शहर अब एंड-यूज़र और निवेशकों दोनों को आकर्षित कर रहा है।
बजट फ्रेंडली, ज्यादा सुविधाएं
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अभी भी प्रॉपर्टी की कीमतें ऐसे स्तर पर हैं जहां मध्यम वर्ग आसानी से घर खरीद सकता है। समान बजट में यहां बड़ा एरिया, बेहतर लेआउट और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं। इसके उलट गुरुग्राम में कीमतें काफी ऊंची होने के कारण खरीदारों की पहुंच सीमित हो रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर बना गेमचेंजर
नोएडा का प्लान्ड डेवलपमेंट इसकी सबसे बड़ी ताकत है। सेक्टर आधारित डिजाइन, चौड़ी सड़कें और एक्सप्रेसवे नेटवर्क शहर को व्यवस्थित बनाते हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसकी कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। इसके मुकाबले गुरुग्राम में ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित विस्तार अब भी बड़ी चुनौती है।
पॉलिसी सपोर्ट से बढ़ेगा सप्लाई
नई बिल्डिंग पॉलिसी और रेगुलेटरी बदलावों से नोएडा में ऊंची इमारतों के निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इससे सीमित जमीन पर ज्यादा हाउसिंग यूनिट्स तैयार होंगी और आने वाले समय में बाजार संतुलित रहने की संभावना है।
रोजगार और रेंटल में उछाल
आईटी पार्क, डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और इंडस्ट्रियल हब के विस्तार से नोएडा में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। इसका सीधा असर रेंटल डिमांड पर पड़ रहा है। वहीं गुरुग्राम में पहले से ऊंचे दाम होने के कारण निवेश पर रिटर्न सीमित होता जा रहा है, जबकि नोएडा में अभी भी एंट्री का बेहतर मौका है। रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जिस गति और स्तर से हो रहा है, वह इसे एनसीआर का सबसे उभरता रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बना रहा है। निर्माण क्षेत्र में बढ़ते निवेश से रोजगार के मौके बने फिर भी गुरुग्राम के मुकाबले यहां कीमतें अभी संतुलित हैं, जिससे एंड-यूज़र और निवेशक दोनों को बेहतर वैल्यू और भविष्य में ग्रोथ की ज्यादा संभावनाएं दिख रही हैं।
आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग के अनुसार पुराने प्रोजेक्ट्स के नए फेज आज खरीदारों के लिए ज्यादा व्यावहारिक विकल्प बन रहे हैं। इनकी लोकेशन स्थापित होती है और कीमतें नए लॉन्च प्रोजेक्ट्स के मुकाबले किफायती रहती हैं। यही वजह है कि नोएडा में एंड-यूज़र और निवेशक दोनों ऐसे प्रोजेक्ट्स में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
विज़न बिजनेस पार्क के को-फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने बताया कि नोएडा का सेक्टर आधारित विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इसे एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाता है। यहां बेहतर प्लानिंग, चौड़ी सड़कें और कम घनत्व जैसी खूबियां हैं, जो इसे रहने के लिहाज से गुरुग्राम की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित विकल्प बनाती हैं।
डिलिजेंट बिल्डर्स के सीओओ लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटा.) अश्विनी नागपाल के अनुसार “गुरुग्राम में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव साफ दिखता है वहीं नोएडा में अभी भी विस्तार की गुंजाइश है। नोएडा में की जा रही सुनियोजित प्लानिंग, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, लॉ व ऑर्डर तथा बढ़ता इंफ्रा, इसे वर्क एण्ड लाइफ बैलन्स के हिसाब से पड़ोसी शहरों से बेहतर बनाता है। यही कारण है कि होमबायर्स अब यहां लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी और बेहतर लाइफस्टाइल देख रहे हैं।”
एक्सोटिका ग्रुप के सीएमडी दिनेश जैन ने बताया कि नोएडा में कमर्शियल और आईटी प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बेहतर कनेक्टिविटी है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निर्माणाधीन एयरपोर्ट इसे बड़ा बिजनेस हब बना रहे हैं। गुरुग्राम के मुकाबले यहां प्लान्ड डेवलपमेंट और कम भीड़भाड़ निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक माहौल तैयार कर रही है। केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल के अनुसार गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जबकि नोएडा अभी ग्रोथ के फेज में है। किफायती दर, नई नीतियां और तेजी से हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास इसे निवेश के लिहाज से ज्यादा संभावनाशील बनाते हैं, जहां बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।
निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग का कहना है, “नोएडा एक संतुलित रियल एस्टेट मार्केट के रूप में उभर रहा है, जहां किफायती कीमतों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिल रहा है। गुरुग्राम की तुलना में यहां प्लान्ड डेवलपमेंट और नई नीतियों का असर साफ दिखाई देता है, जिससे होमबायर्स को ज्यादा स्पेस, बेहतर सुविधाएं और लॉन्ग-टर्म वैल्यू मिलती है। नोएडा की रणनीतिक लोकेशन, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे जैसी कनेक्टिविटी इसे और मजबूत बनाती है। निर्माणाधीन जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसे एक बड़े बिजनेस और रेजिडेंशियल हब के रूप में स्थापित कर रहा है। साथ ही, नई नीतियों और आसान अप्रूवल प्रोसेस से ग्रीन स्पेस और प्लान्ड डेवलपमेंट को बढ़ावा मिला है। कम एंट्री कॉस्ट, स्थिर ग्रोथ और बेहतर रेंटल रिटर्न के कारण नोएडा, गुरुग्राम के मुकाबले निवेश के लिए ज्यादा समझदारी भरा विकल्प बन रहा है।”