विश्व होम्योपैथी दिवस 2025 - होम्योपैथी पर सबसे बड़ी संगोष्ठी

punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 07:57 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो :नई दिल्ली में मीडिया वार्ता आयोजित की गई, जिसमें विश्व होम्योपैथी दिवस 2025 की महत्ता को रेखांकित किया गया। यह आयोजन केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), NCH और NIH द्वारा आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। डॉ. सैम्युअल हैनिमैन, होम्योपैथी के संस्थापक, की जयंती के अवसर पर 10 अप्रैल को श्रद्धांजलि स्वरूप CCRH द्वारा 10-11 अप्रैल 2025 को गुजरात के गांधी नगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन और एक्जीबिशन सेंटर में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को अब तक का सबसे बड़ा होम्योपैथी संगोष्ठी माना जा रहा है, जो अनुसंधान की नवीनतम प्रगति, इसके अनुप्रयोग, प्रभाव और उद्योग से जुड़े विषयों तक सुगम पहुँच प्रदान करेगा। यह संगोष्ठी न केवल शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी होगी, बल्कि इसमें नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों को भी एक साझा मंच पर लाने की पहल की गई है। इस आयोजन में होम्योपैथी उद्योग की अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी और राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी 'लाइव मटेरिया मेडिका' प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

 

आज आयोजित मीडिया वार्ता में राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH), केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (NIH) और आयुष मंत्रालय (होम्योपैथी) के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान होम्योपैथी की शिक्षा प्रणाली और संस्थागत योगदान सहित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। सभी विशेषज्ञों ने एकमत से स्वीकार किया कि भारत पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों का वैश्विक अग्रदूत बन चुका है और भारत सरकार आयुष मंत्रालय के माध्यम से इस उपचार प्रणाली को सशक्त बना रही है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) मानकीकृत शिक्षा और कौशल विकास को सुनिश्चित कर रहा है, जबकि केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) उन्नत शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोग को बढ़ावा देने में कार्यरत है। वहीं, राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (NIH) भविष्य के होम्योपैथिक चिकित्सकों को व्यवस्थित शैक्षणिक प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर रहा है।

 

मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) के महानिदेशक, डॉ. सुभाष कौशिक ने कहा, "इस वर्ष, हमें गर्व है कि हम महात्मा मंदिर कन्वेंशन और एक्जीबिशन सेंटर, गांधी नगर, गुजरात में इस भव्य आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा होम्योपैथी सम्मेलन होगा, जिसमें दुनिया भर से 10,000 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। यह आयोजन होम्योपैथी के भविष्य को आगे बढ़ाने, सहयोग करने और इसे वैश्विक स्तर पर सशक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।"

 

इस वर्ष के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "इस बार विश्व होम्योपैथी दिवस का विषय 'अध्ययन, अध्यापन एवं अनुसंधान' है, जो होम्योपैथी की तीन प्रमुख संस्थाओं—राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH), राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (NIH) और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH)—के संयुक्त प्रयासों को दर्शाता है। ये तीनों संगठन होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली के इन तीन स्तंभों की देखरेख कर रहे हैं। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के अध्यक्ष (कार्यवाहक) डॉ. पिनाकिन एन. त्रिवेदी ने इस संगोष्ठी की भव्यता को रेखांकित करते हुए कहा, "यह विश्व होम्योपैथी दिवस शिक्षा क्षेत्र के सबसे बड़े प्रतिनिधित्व का गवाह बनने वाला है।

 

पिछले वर्ष, विश्व होम्योपैथी दिवस 2024 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था, जिसमें भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू औरउपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई थी। आज की मीडिया वार्ता में डॉ. संगीता दुग्गल (सलाहकार, होम्योपैथी, आयुष मंत्रालय), डॉ. प्रलय शर्मा (निदेशक, NIH), डॉ. सुभाष कौशिक (महानिदेशक, CCRH), डॉ. पिनाकिन एन. त्रिवेदी (कार्यवाहक अध्यक्ष, NCH) और डॉ. तर्केश्वर जैन (अध्यक्ष, होम्योपैथी शिक्षा बोर्ड) सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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