Faridabad: नकली पनीर का बड़ा खेल, 5 महीने में दूसरी बार पकड़ी गई वही गाड़ी... विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 04:09 PM (IST)

फरीदाबाद (अनिल राठी): औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की टीम ने एक बार फिर संदिग्ध नकली पनीर से भरी गाड़ी को पकड़ा है। मामला बल्लभगढ़ बस अड्डा चौकी के अंतर्गत 'मुंबई स्वीट्स' नामक दुकान के सामने का है। हैरानी की बात यह है कि यह वही गाड़ी है जो करीब 5 महीने पहले भी इसी अपराध में पकड़ी गई थी, लेकिन विभाग की "नरम" कार्रवाई के चलते इसके हौसले पस्त नहीं हुए।

450 किलो पनीर बरामद, सैंपल लैब भेजे गए
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. पुनीत के नेतृत्व में टीम ने गाड़ी को कब्जे में लेकर उसमें रखे पनीर और क्रीम के सैंपल भरे हैं। डॉ. पुनीत ने बताया, "गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इस गाड़ी को पकड़ा है। फिलहाल गाड़ी में लगभग 450 किलो पनीर मौजूद है। हमने सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।"

पुराना इतिहास: पहले भी 'फेल' हो चुके हैं सैंपल
जानकारी के मुताबिक, करीब 5 महीने पहले भी स्थानीय लोगों ने इसी गाड़ी को नकली पनीर की सप्लाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उस समय गाड़ी में 600 किलो से ज्यादा पनीर और क्रीम लोड थी। जांच में उस समय के सैंपल 'सब-स्टैंडर्ड' (अमानक) पाए गए थे। नियमतः ऐसे उत्पादों को नष्ट किया जाना चाहिए और सप्लायर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उस समय विभाग ने सैंपल लेकर गाड़ी को छोड़ दिया और वह पनीर बाजार में खप गया।


विभाग ने आज भी सैंपल लेकर गाड़ी को छोड़ दिया है। लैब की रिपोर्ट आने में कई दिन लगते हैं, तब तक यह 450 किलो संदिग्ध पनीर लोगों की थाली तक पहुँच चुका होगा। खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, नकली पनीर बनाने में पाम ऑयल, डिटर्जेंट, यूरिया और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। यह सीधा लीवर और किडनी पर हमला करता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static