होनहार जुड़वा बहनें: 16 साल की उम्र में यूके में गाड़ा झंडा, PM के खिलाफ अभद्र भाषा पर Gen Z को दी नसीहत

punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 08:59 AM (IST)

जींद(अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा के पानीपत की रहने वाली जुड़वा बहनें एंजेल अहलावत और सोफी अहलावत अपनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चर्चा में हैं। दोनों बहनों ने 15 वर्ष की आयु में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 16 वर्ष की आयु में उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम का रुख किया। भारत आने पर उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए युवाओं, विशेषकर Gen Z, से मर्यादित भाषा और सकारात्मक संवाद अपनाने का संदेश दिया।

एंजेल अहलावत ने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ सरे में मात्र 16 वर्ष की आयु में सोसाइटीज चेयर का चुनाव लगभग 800 मतों के अंतर से जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने विभिन्न देशों, जिनमें चीन और यूरोप के छात्र भी शामिल थे, के उम्मीदवारों को हराया। वर्तमान में वह क्रिमिनोलॉजी एवं फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं उनकी जुड़वा बहन सोफी अहलावत एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं।

विदेश जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं
एंजेल ने बताया कि हरियाणा से निकलकर कम उम्र में विदेश जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं था। अनेक चुनौतियों और परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और समाज में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।

भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक
छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों पर दोनों बहनों ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा विद्यार्थियों से सीधे संवाद स्थापित करने के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि युवाओं को स्वस्थ संवाद की संस्कृति अपनानी चाहिए।
एंजेल वर्तमान में यूनिवर्सिटी ऑफ सरे स्टूडेंट्स यूनियन में सोसाइटीज चेयर के रूप में लगभग 16 हजार छात्रों और 150 से अधिक छात्र सोसायटियों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा वह इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन यूके (INSA UK) की राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा हैं।


उन्होंने ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय छात्रों, युवा नेतृत्व और भारत-यूके शैक्षणिक सहयोग पर अपने विचार भी रखे। इसके अतिरिक्त उन्होंने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग तथा नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित नेतृत्व कार्यक्रमों में भी युवाओं को संबोधित किया। हाल ही में हरियाणा विधानसभा में आयोजित महिला युवा संवाद कार्यक्रम में भी उन्होंने "विकसित भारत 2047 में महिला नेतृत्व की भूमिका" विषय पर अपने विचार साझा किए।

वहीं, सोफी अहलावत भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। उनका चयन इसरो के आजादीसैट-2 कार्यक्रम के लिए देशभर की 750 छात्राओं में हुआ था। इसके अलावा उन्होंने इंडो-जर्मन इंटरनेशनल कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।

पिता नरेश अहलावत हरियाणा पुलिस में एसीपी के पद पर कार्यरत
दोनों बहनों के पिता नरेश अहलावत हरियाणा पुलिस में एसीपी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता आयुर्वेद चिकित्सक हैं। कम उम्र में शिक्षा, नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल करने वाली इन दोनों बहनों की उपलब्धियों की प्रदेशभर में सराहना हो रही है।


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Content Writer

Isha

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