गृह मंत्री अनिल के प्रयास लाए रंग, अंबाला में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने की सभी अड़चनें हुई दूर

4/8/2021 7:14:38 PM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य व निकाय मंत्री अनिल विज के कड़े प्रयासों से अब अंबाला में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने को लेकर भूमि बारे सैद्धान्तिक सहमति बन गई है। डोमेस्टिक एयरपोर्ट को दो वर्ष पहले उड़ान-3 के तहत स्वीकृति मिली थी। मगर आर्मी क्षेत्र होने के साथ संवेदनशील एरिया होने से यहां स्थित एयरफोर्स व मनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के साथ जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय कई मीटिंगों में सार्थकता न रहने पर गृह मंत्री 23 फरवरी को रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह से मिले। 

उन्होंने यहां के कंटेनमेंट जोन व अन्य सभी मुद्दों पर चर्चा की। अंबाला में एयरफोर्स स्टेशन की पट्टी पर ही सिविल एविएशन के जहाज उड़ाने की अनुमति मिली थी। एयरफोर्स स्टेशन के साथ घरेलू विमानों की उड़ानों के लिए डिफेंस की जमीन की आवश्यकता होगी। इस मामले में उन्होंने रक्षा मंत्री से केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम बनाकर मौके का मुआयना कराने की अपील की थी, ताकि इसका हल निकाला जा सके। उन्होंने यह भी बताया था कि अंबाला को एयर लाइन अलॉट हो चुकी है। अंबाला से लखनऊ और श्रीनगर तक की फ्लाइट भी मंजूर है।

अनिल विज के सार्थक प्रयासों से डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने के लिए मनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के साथ जिला प्रशासन की मीटिंगों में तेजी आई। जिला प्रशासन की तरफ से जिलाधीश अशोक शर्मा ने जिला राजस्व अधिकारी को साथ लेकर व एयरफोर्स व मनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के प्रतिनिधि व कंटेनमेंट बोर्ड के प्रतिनिधियों में कई मीटिंगों के दौर के बाद आखिरकार सैद्धान्तिक सहमति बनने के बाद अब अंबाला में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने का काम जल्दी शुरू होने की संभावनाएं है। जिला प्रशासन ने इसके लिए आसपास के गांव बरनाला व गजराना में भी सर्वे किए। अब अम्बाला में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने के लिए मनिस्ट्री ऑफ डिफेंस व जिला प्रशासन में सैद्धान्तिक सहमति हो चुकी है।

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा कुछ जरूरी अप्रूवल के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि आगामी एक से डेढ़ वर्ष में अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट से श्रीनगर व लखनऊ की उड़ाने उड़ान भरने लगेंगी। इसके साथ लगती 15 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य होगा। जिसके टेंडर्स हो चुके हैं। जूम एयरलाइन को इसमे कॉन्ट्रेक्ट मिला है। उन्होंने कहा कि 15 एकड़ जो भूमि अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए तय हुई है, उसकी कीमत हरियाणा सरकार देगी। इसके लिए प्रपोजल मनिस्ट्री ऑफ एविएशन द्वारा दी जाएगी। दिल्ली के टी-3 की तरह यह भी प्री फेब्रिकेटेड बनेगा।

किन-किन मुद्दों पर बनी सहमति
अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट का एक गेट जगाधरी रोड पर बनेगा, दूसरा गेट एयरफोर्स स्टेशन के अंदर बनेगा। अंबाला आर्मी क्षेत्र व सवेंदनशील क्षेत्र होने के कारण इसकी सहमति पर लम्बा समय लगा। जगाधरी रोड मामा-भांजा पीर के आगे की जगह इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होगी। डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए मनिस्ट्री ऑफ डिफेंस एयरफोर्स की जगह का इस्तेमाल कर सकेगा। सबसे बडी अड़चन गेट व एयरफोर्स की जगह के उपयोग को लेकर थी, जो एग्रीमेंट के तहत अब हल हो चुकी है।

किस-किस के लिए लाभप्रद
अंबाला कैंट में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने के बाद अंबाला और आसपास के लोगों को दिल्ली और चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हरियाणा ही नहीं बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश के अलावा सेना को भी इसका काफी फायदा मिलेगा। अंबाला छावनी साइंस इंडस्ट्री का बहुत बड़ा हब है, जहां से व्यापारी पूरे देश में साइंस का सामान सप्लाई करते हैं। अम्बाला में डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को फायदा मिलेगा। क्योंकि अम्बाला में बने साइंस उपकरण एक्सपोर्ट होते हैं। इससे व्यापारियों को देश में अपना सामान सुरक्षित व जल्दी पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही अन्य व्यापारियों को भी एयरपोर्ट बनने से काफी फायदा मिलेगा। क्योंकि हवाई यात्रा के जरिए समय की बचत होगी। हवाई यात्रा के लिए चंडीगढ़ व दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। सिविल एविएशन विभाग की तरफ से लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

क्या कहतें हैं गृह मंत्री अनिल विज
विज ने बताया कि सिविल एविएशन मनिस्ट्री द्वारा कुछ जरूरी अप्रूवल के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि आगामी एक से डेढ़ वर्ष में अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट से श्रीनगर व लखनऊ की उड़ाने उड़ान भरने लगेंगी। इसके साथ लगती 15 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य होगा। जिसके टेंडर्स हो चुके हैं। जूम एयरलाइन को इसमे कॉन्ट्रेक्ट मिला है। 15 एकड़ जो भूमि अम्बाला के डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए तय हुई है उसकी कीमत हरियाणा सरकार देगी। इसके लिए प्रपोजल मनिस्ट्री ऑफ एविएशन द्वारा दी जाएगी। दिल्ली के टी-3 की तरह यह भी प्री फेब्रिकेटेड बनेगा।

केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत कैंट में सिविल यानी डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने का काम जल्दी शुरू होगा। विज ने कहा कि अम्बाला में लंबे समय से एयरपोर्ट बनाने की मांग चल रही है। एयरपोर्ट खुलने से यहां के व्‍यापारियों को तो फायदा मिलेगा ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। विज ने कहा कि अम्बाला एक बड़ा जंक्शन है, यहां पर लोग दूर-दूर से आते हैं। इस इलाके में एयरपोर्ट खुलने से लोगों को हवाई यात्रा करने के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा। 

वे अपने घर से निकलकर चंद मिनटों की दूरी तय कर एयरपोर्ट पहुंच जाया करेंगे। विज ने यह भी बताया कि छावनी साइंस इंडस्ट्री का बहुत बड़ा हब है जहां से व्यापारी पूरे देश में साइंस का सामान सप्लाई करते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट बनने से उन व्यापारियों को तो फायदा मिलेगा ही, साथ ही रोजगार के अवसर पर बढ़ेंगे। जी टी रोड पर होने के कारण इसकी जबरदस्त सार्थकता रहेगी।

हरियाणा का संभावित पहला डोमेस्टिक एयरपोर्ट
अम्बाला में बनने वाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट हरियाणा का सम्भावित पहला डोमेस्टिक एयरपोर्ट होगा। इससे पहले हिसार में बने हरियाणा का संभावित पहला डोमेस्टिक एयरपोर्ट से केवल एयर टेक्सी ही उडने के विकल्प हैं।अम्बाला में दिल्ली के टी-3 की तरह यह भी प्री फेब्रिकेटिड बनेगा।केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत कैंट में सिविल यानी डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने का काम जल्दी शुरू होगा।जूम एयरलाइन को इसमे कॉन्ट्रेक्ट मिला है। जो लखनऊ व श्रीनगर की फ्लाइट्स यहां से उड़ान भरेंगी।

(हरियाणा की खबरें टेलीग्राम पर भी, बस यहां क्लिक करें या फिर टेलीग्राम पर Punjab Kesari Haryana सर्च करें)


Content Writer

vinod kumar

Related News