अमर शहीद लाला जगत नारायण को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से किया जाए अलंकृत
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 10:31 AM (IST)
गुड़गांव : देशवासी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को पूरा राष्ट्र याद कर रहा है। असंख्य लोगों के बलिदान के कारण ही देश आजाद हो सका था। पंजाब केसरी हिंद समाचार समूह के संस्थापक अमर शहीद लाला जगतनारायण ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। उन्हें अढ़ाई वर्ष की जेल की सजा भी स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका के चलते काटनी पड़ी थी। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम अपितु स्वतंत्र भारत में भी जीवनपर्यन्त राजनीति एवं पत्रकारिता के क्षेत्रों में सत्यनिष्ठा एवं त्याग की भावना के मापदंड स्थापित किए थे।
केंद्र सरकार को अमर शहीद लाला जगत नारायण को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत किया जाना चाहिए। उक्त मांग सामाजिक संस्था भगवान श्री परशुराम सेवादल के अध्यक्ष एवं जिला बार के पूर्व सचिव वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित अरुण शर्मा ने लालाजी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए केंद्र सरकार से की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1899 की 31 मई को वर्तमान पाकिस्तान के जिला गुजरांवाला कस्बे बजीराबाद में लालाजी का जन्म हुआ था। वह महात्मा गांधी और लाला लाजपतराय से बड़े प्रेरित थे। इसी कारण वह अल्पायु में ही स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ गए थे।
वर्ष 1919 में लाहौर के डीएवी कॉलेज से उन्होंने स्नातक की उपाधि हासिल की थी। उन्होंने बताया कि कानून की पढ़ाई लाला जी ने शुरु की थी, लेकिन असहयोग आंदोलन के चलते उन्होंने कानून की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया था। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1952 में देश के पहले चुनाव हुए तो लाला जी ने संयुक्त पंजाब विधानसभा में नारायणगढ़ था। वह शिक्षा एवं परिवहन मंत्री भी संयुक्त पंजाब में रहे थे और दोनों ही क्षेत्रों में उन्होंने क्रांतिकारी परिवर्तन भी किए थे जिनके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है।