निफ्टम-के के एदेशिया उत्सव में असीस कौर की धमाकेदार प्रस्तुति ने बांधा समां, 500 से अधिक प्रतिभागियों ने की भागीदारी
punjabkesari.in Sunday, Apr 19, 2026 - 09:02 PM (IST)
कुंडली: राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान, कुंडली (NIFTEM-K) में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव एदेशिया 2026 का आयोजन अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ हुआ। यह उत्सव रचनात्मकता, नवाचार और सहयोग का जीवंत संगम प्रस्तुत करता है।
दो दिवसीय इस आयोजन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री असित गोपाल, विशेष सचिव एवं वित्तीय सलाहकार (SS&FA), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अशोक कुमार, आईपीएस (पूर्व डीजीपी, उत्तराखंड) एवं कुलपति, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, उपस्थित रहे। उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति ने छात्रों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री असित गोपाल ने कहा कि उत्कृष्ट अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Quotient) का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में सक्षम प्रबंधक और प्रभावी नेता बन सकें। इस अवसर पर डॉ. एच. एस. ओबरॉय, निदेशक, NIFTEM-K, ने कहा कि छात्र-प्रेरित मंच नेतृत्व, टीमवर्क और व्यावहारिक सीख को बढ़ावा देते हैं तथा दो दिवसीय उत्सव में एनसीआर के 20 से अधिक संस्थानों के 500 से अधिक प्रतिभागियों और लगभग 500 दर्शकों ने भाग लिया; साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व का यह संस्थान शीघ्र ही शिक्षा, अनुसंधान, क्षमता निर्माण और उद्यमिता के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धी तकनीकों के विकास तथा युवाओं, एफपीओ और स्टार्टअप्स को सफल उद्यमियों में बदलने वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनेगा।

इस आयोजन में 15 प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसमें सार्थक संवाद, औपचारिक उद्घाटन और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों का समावेश रहा। कार्यक्रम के पहले दिन दो बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुकी बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका असीस कौर ने “बेखयाली में”, “रातां लंबियां” और “जुगनी जुगनी” जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

दूसरे दिन भी उत्सव पूरे जोश के साथ जारी रहा, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं, रैंप वॉक और मिज़ाज़ बैंड के “कुन फ़ा या कुन” और “दमादम मस्त कलंदर” जैसे प्रसिद्ध सूफी गीतों के ऊर्जावान प्रदर्शन ने माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। एदेशिया 2026 एक ऐसा सशक्त मंच बनकर उभरा, जहां प्रतिभाएं निखरती हैं, विचारों का आदान-प्रदान होता है और रचनात्मकता को नई दिशा मिलती है। यह आयोजन NIFTEM-K की भविष्य के नेताओं में नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।