भाजपा पार्षद ने कांग्रेस विधायक से मांगी लिखित में माफी, जानिए क्या है वजह

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 11:42 AM (IST)

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): कुरुक्षेत्र में कांग्रेस विधायक और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के बीच हुए मारपीट विवाद का मामला हरियाणा विधानसभा की प्रिवलेज कमेटी के हस्तक्षेप के बाद सुलझा लिया गया है। कमेटी के सामने भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा समेत अन्य संबंधित लोगों ने कांग्रेस विधायक से लिखित में माफी मांगी, जिसके बाद मामले का निपटारा कर दिया गया।

यह विवाद नगर परिषद की बैठक के दौरान सामने आया था, जिसमें कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे विधानसभा की प्रिवलेज कमेटी के पास भेजा गया था।

कमेटी के चेयरमैन एवं विधायक मूलचंद शर्मा की ओर से सिफारिश की गई कि भविष्य में नगर निकायों और पंचायत समितियों की बैठकों में केवल अधिकृत प्रतिनिधियों को ही प्रवेश दिया जाए। किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक लगाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।

ईओ सहित सभी ने मांगी माफी

बताया गया कि नगर परिषद के ईओ सहित चार लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कमेटी ने कार्रवाई की। कमेटी के समक्ष सभी संबंधित व्यक्तियों ने लिखित में माफी मांग ली। वहीं विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि उनकी मांग थी कि बैठकों में बाहरी लोगों का प्रवेश रोका जाए ताकि निकायों की गरिमा बनी रहे।

बजट सत्र में भी उठा मामला

यह विवाद विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी उठा। कांग्रेस विधायकों ने प्रिवलेज कमेटी की रिपोर्ट को सदन में पढ़े जाने की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया और स्पीकर ने इस मांग को खारिज कर दिया।

मई 2025 में शुरू हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार यह विवाद मई 2025 में थानेसर नगर परिषद की हाउस मीटिंग के दौरान शुरू हुआ था। बैठक में भाजपा पार्षद प्रतिनिधि की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस विधायक ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और फिर हाथापाई हो गई।

पूर्व मंत्री पर भी लगाए आरोप

विधायक अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि यह हमला पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के इशारे पर हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने नगर परिषद में हुए घोटालों का मुद्दा उठाया था, जिसके चलते उन पर हमला किया गया। उन्होंने मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज से कराने की मांग भी उठाई।

पार्षद प्रतिनिधि के आरोप

वहीं भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा ने विधायक पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनावों में उनके खिलाफ कई उम्मीदवार खड़े किए गए और उन्हें प्रलोभन देकर पार्टी बदलने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि अब प्रिवलेज कमेटी के हस्तक्षेप और लिखित माफी के बाद यह विवाद शांत हो गया है।


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Content Writer

Isha

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