कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर भाजपा का सियासी संदेश, तरुण भंडारी बोले- अच्छे लोगों के लिए BJP के दरवाजे खुले

punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 08:36 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर तरुण भंडारी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भारतीय जनता पार्टी अपने दायरे को विस्तार देने के लिए तैयार है और अच्छे लोगों का स्वागत करने में कोई हिचक नहीं है। पंजाब केसरी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में भंडारी ने कहा कि यह सिर्फ भाजपा की ही नहीं, बल्कि कांग्रेस में भी कई अच्छे और योग्य लोग हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि कोई विधायक या नेता भाजपा की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल होना चाहता है, तो शीर्ष नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में की गई क्रॉस वोटिंग को केवल राजनीतिक घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह उनके “अंतरात्मा की आवाज” का परिणाम है। भंडारी के अनुसार, भाजपा सर्वहित में काम करने वाली पार्टी है और इसी कारण कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।

कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर भाजपा का सियासी संदेश

भंडारी ने कहा कि क्रॉस वोटिंग यह दर्शाती है कि विपक्षी दलों के भीतर भी भाजपा की नीतियों और कार्यशैली को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह घटना भविष्य में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत हो सकती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो भी जनप्रतिनिधि विकास और पारदर्शिता की राजनीति में विश्वास रखता है, उसके लिए भाजपा एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस बयान को भाजपा के “ओपन डोर पॉलिसी” के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत पार्टी अन्य दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

जनता के लिए 24 घंटे खुले हैं मुख्यमंत्री के दरवाजे

भंडारी ने इस दौरान हरियाणा सरकार की कार्यशैली की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आम जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने कहा, “पहले के समय में मुख्यमंत्री तक आम आदमी की पहुंच बेहद सीमित थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री सुबह 5 बजे भी लोगों से मिलते हैं और रात 2 बजे भी जनता की समस्याएं सुनते हैं।”

भंडारी ने इसे भाजपा सरकार की “जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता” का प्रमाण बताया। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने आगे कहा कि इसी कारण प्रदेश में लोगों का भरोसा भाजपा सरकार पर लगातार मजबूत हो रहा है और यही विश्वास भविष्य में भी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

“व्यक्ति नहीं, विचारधारा अहम, भाजपा में अच्छे लोगों का स्वागत”

राज्यसभा चुनाव में “सूत्रधार” होने के सवाल पर भंडारी ने खुद को इस भूमिका से अलग बताया। उन्होंने कहा कि वे केवल पार्टी के एक छोटे कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए व्यक्ति नहीं, विचारधारा महत्वपूर्ण है। जो भी व्यक्ति पार्टी की सोच और राष्ट्रहित की भावना को स्वीकार करता है, उसका भाजपा में स्वागत है।” भंडारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में शामिल होने वालों को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जाता, चाहे वे भारतीय जनता पार्टी से हों या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से।
उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता या विधायक भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताता है, तो उसकी योग्यता और विचारधारा को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेता है।

राजनीतिक समीकरणों पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा में यह घटनाक्रम आने वाले समय में नए समीकरण बना सकता है। क्रॉस वोटिंग ने यह साफ कर दिया है कि विपक्षी दलों के भीतर भी असंतोष मौजूद है और भाजपा इसे अवसर के रूप में देख रही है। भंडारी के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भाजपा आने वाले चुनावों से पहले अपने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

कुल मिलाकर, राज्यसभा चुनाव के बहाने हरियाणा की राजनीति में जो हलचल शुरू हुई है, वह आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। भाजपा जहां इसे अपने प्रभाव के विस्तार के रूप में देख रही है, वहीं कांग्रेस के लिए यह आत्ममंथन का विषय बन गया है।

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Content Editor

Krishan Rana

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