7 अक्तूबर को हरियाणा में भाजपा का ‘त्रिशक्ति’ अभियान, शाह कुरुक्षेत्र में संभालेंगे कमान, स्मृति ईरानी जींद और भोला सिंह करनाल में
punjabkesari.in Monday, Oct 05, 2026 - 08:33 AM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा भाजपा 7 अक्तूबर को संगठनात्मक सक्रियता का बड़ा संदेश देने जा रही है। एक ही दिन पार्टी का केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व प्रदेश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में सेवा गतिविधियों के जरिए कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुरुक्षेत्र में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में शामिल होंगे, जबकि प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी जींद और प्रदेश सह प्रभारी भोला सिंह करनाल में इसी अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। तीनों नेताओं के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रमों को भाजपा की जमीनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
मोदी की बैठक के तुरंत बाद संगठन का फील्ड एक्शन
खास बात यह है कि 7 अक्तूबर के ये कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित हरियाणा के सभी 48 भाजपा विधायकों के साथ हुई बैठक के ठीक चार दिन बाद हो रहे हैं। बैठक में विधायकों को जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा सामान्य विकास कार्यों के साथ-साथ ऐसे स्थायी सामाजिक कार्य करने का संदेश दिया गया था, जिनसे उनकी अलग पहचान बने। अब इसके तुरंत बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचना पार्टी के संदेश को संगठन के निचले स्तर तक ले जाने की कवायद माना जा रहा है।
कुरुक्षेत्र में शाह, कार्यकर्ताओं पर रहेगा फोकस
कुरुक्षेत्र में अमित शाह की मौजूदगी 7 अक्तूबर के कार्यक्रमों का सबसे बड़ा आकर्षण होगी। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के माध्यम से शाह कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर सकते हैं। संगठनात्मक गतिविधियों, सेवा कार्यों और जनता के बीच पार्टी की सक्रियता को लेकर भी कार्यकर्ताओं को दिशा देने की संभावना है। भाजपा की रणनीति सेवा अभियानों को केवल कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बूथ और मंडल स्तर तक निरंतर गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने की है। शाह का कुरुक्षेत्र दौरा इसी संगठनात्मक विस्तार को गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी की पहली हरियाणा यात्रा पर नजर
प्रदेश भाजपा प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद स्मृति ईरानी पहली बार हरियाणा के दौरे पर आ रही हैं। जींद में उनकी मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर सकती हैं।
उनका कार्यक्रम संगठन की मौजूदा स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी गतिविधियों को लेकर जमीनी फीडबैक लेने का अवसर भी बनेगा। नई प्रदेश प्रभारी के तौर पर उनका पहला दौरा भाजपा के आगामी संगठनात्मक रोडमैप की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
करनाल में भोला सिंह संभालेंगे मोर्चा
प्रदेश सह प्रभारी भोला सिंह करनाल में ‘सेवा ज्योति’ अभियान से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे एक ही दिन भाजपा नेतृत्व की सक्रियता उत्तर, मध्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक दिखाई देगी। पार्टी का प्रयास स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं को सेवा गतिविधियों से जोड़कर लगातार सक्रिय बनाए रखने का है।
मिशन-2029 की जमीन अभी से तैयार करने की कवायद
विधानसभा चुनाव 2029 अभी दूर हैं, लेकिन भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को लगातार आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। 7 अक्तूबर के तीनों कार्यक्रमों में केंद्रीय नेतृत्व की भागीदारी को इसी दीर्घकालिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की विधायकों को सक्रिय जनसंपर्क की सीख के बाद अब केंद्रीय नेताओं का तीन अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचना भाजपा के लिए संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल तथा कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने का संकेत भी है। सेवा गतिविधियों के जरिए पार्टी बूथ स्तर तक संपर्क मजबूत करने और आगामी वर्षों के लिए मजबूत संगठनात्मक आधार तैयार करने पर जोर देती दिखाई दे रही है।