क्रॉस वोटिंग विवाद में घिरी कांग्रेस, बागी विधायकों पर रिपोर्ट तैयार कर 24 घंटे में हाईकमान को भेजेगी अनुशासन समिति
punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 08:47 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के हालिया राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर घिरे कांग्रेस के पांच विधायकों के मामले में पार्टी की अनुशासन समिति अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्म पाल मलिक ने स्पष्ट किया है कि समिति अगले 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंप देगी।
शुक्रवार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित अनुशासन समिति की बैठक में पांच आरोपित विधायकों में से दो महिला विधायक शैली चौधरी (नारायणगढ़) और रेणु बाला (साढ़ौरा) उपस्थित हुईं और उन्होंने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। बैठक के बाद धर्म पाल मलिक ने बताया कि दोनों विधायकों ने समिति के सामने कहा कि उन्होंने अपना वोट नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बी.के. हरि प्रसाद को दिखाकर डाला था। दोनों विधायकों का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के पक्ष में ही मतदान किया।
धर्म पाल मलिक ने कहा कि समिति पूरे मामले के सभी पहलुओं पर विचार कर रही है और प्राप्त जवाबों, व्यक्तिगत उपस्थितियों तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। यह रिपोर्ट जल्द ही पार्टी हाईकमान को भेज दी जाएगी।
पांच सदस्यीय है अनुशासन समिति
हरियाणा कांग्रेस की इस अनुशासन समिति में कुल पांच सदस्य हैं। इसके अध्यक्ष धर्म पाल सिंह मलिक हैं, जबकि अन्य सदस्यों में अनिल धनतोड़ी, अकरम खान, कैलाशो सैनी और रोहित जैन शामिल हैं।
5 विधायकों पर लगे क्रॉस वोटिंग के आरोप
गौरतलब है कि हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध के खिलाफ पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा कांग्रेस के चार विधायकों के वोट रद्द भी हो गए थे, जिससे पार्टी के भीतर गंभीर राजनीतिक हलचल पैदा हो गई। जिन पांच विधायकों पर बगावती रुख अपनाने और कर्मवीर बौद्ध के खिलाफ मतदान करने के आरोप हैं, उनमें:
शैली चौधरी (नारायणगढ़)
रेणु बाला (साढ़ौरा)
जरनैल सिंह (रतिया)
इलियास (पुनहाना)
मोहम्मद इजरायल (हथीन)
शामिल हैं।
3 ने जवाब दिया, 2 अब तक मौन
अनुशासन समिति इस मामले में इन पांचों विधायकों को पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, तीन विधायकों ने लिखित जवाब भेज दिया है, जबकि दो विधायकों ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में समिति की रिपोर्ट को कांग्रेस के भीतर अनुशासन और भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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