सावन की शिव रात्रि में अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 11:13 AM (IST)
अंबाला (अमन कपूर) : आज सावन की शिव रात्रि का दिन पूरे देश में बढ़े धूम धाम से मनाया जा रहा है। पूरा भारत वर्ष भगवान् शिवजी के रंग में रंगा हुआ है और पूरा देश बम भोले के जयकारो से गूंज रहा है। वहीं पूरे देश की तरह हरियाणा के अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना में भी भक्तो की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। अंबाला के 200 साल पुराने कहे जाने वाले इस प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तो का तांता लगना शुरू हो जाता है। आज हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों द्वारा भोले शंकर को जल अभिषेक किया जा रहा है । बता दें कि ये मंदिर 1844 में बना था ।
भगवान शिव की आराधना का महीना सावन इस बार 30 जुलाई से शुरू हुआ है। वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है। आज सावन की शिवरात्रि है । आज हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों द्वारा भगवान भोले शंकर को जल अभिषेक किया जा रहा है।अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर का इतिहास 200 सालों से भी पुराना है यहाँ आम तौर पर ही भक्तो की भीड़ दिखाई देती है । लेकिन सावन की शिवरात्रि के मौके पर मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की कतारें लगी हुए है । हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों द्वारा अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर में भोले बाबा को जल अभिषेक किया जा रहा है । मंदिर के महंत मोहन दास गिरी ने सावन की शिवरात्रि के बारे में जानकारी दी कि क्यों मनाई जाती है । वहीं उन्होंने कांवड़ यात्रा के बारे में भी बताया कि किस लिए कांवड़ यात्रा की जाती है ।
वहीं मंदिर में आए भक्ति और हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों से जब बात की तो उन्होंने कहा कि मंदिर में आकर बहुत अच्छा लग रहा है और मंदिर में आई महिलाओं ने कहा कि जब से हम शादी करके यहां पर आए है तो तब से लगातार मंदिर में दर्शन करने के लिए आ रहे हैं और यहां पर जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है । वहीं हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने कहा कि रास्ते में बहुत अच्छा मौसम था और प्रशासन की भी बहुत अच्छी व्यवस्था थी और आज हम प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर में जल अभिषेक करने आए है और हमे बहुत अच्छा लग रहा है । वहीं उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि यहां पर जो भी भक्त आता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।