पानीपत में साइबर ठगी का खुलासा ; बैंक खाते सप्लाई करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, ऐसे करते थे ठगी...
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 09:31 PM (IST)
समालखा (विनोद लाहोट) : पानीपत पुलिस के थाना साइबर क्राइम की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजस्थान के डीडवाना जिले के चारनवास गांव निवासी सुरेश और कमल के रूप में हुई है। दोनों को रविवार को उनके गांव के पास से काबू किया गया।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय के अनुसार यह कार्रवाई समालखा के वार्ड नंबर 7 निवासी नरेश की शिकायत पर की गई। पीड़ित ने 30 अगस्त 2025 को दी शिकायत में बताया कि 5 जून 2025 को उसके व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब का संदेश आया। हामी भरने के बाद उसे टास्क पूरा करने पर पैसे मिलने का झांसा दिया गया।
शुरुआत में आरोपियों ने 34 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। बाद में ट्रांजेक्शन में गलती का बहाना बनाकर 90 हजार रुपये और डलवा लिए। धीरे-धीरे पीड़ित उनके जाल में फंसता गया और विभिन्न बैंक खातों में कुल 13 लाख 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर बैठा। बाद में उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
राजस्थान से गिरफ्तार किए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की पड़ताल करते हुए नवंबर 2025 में राजस्थान के डीडवाना जिले के कुचामन कस्बा निवासी आरोपी जितेंद्र कसवां को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि पीड़ित द्वारा ट्रांसफर की गई 7 लाख 11 हजार रुपये की राशि जितेंद्र के खाते में गई थी। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता 10 हजार रुपये में चारनवास निवासी सुरेश और कमल को बेच दिया था। पुलिस ने उसके कब्जे से 10 हजार रुपये बरामद कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने सुरेश और कमल की तलाश तेज कर दी। रविवार को दोनों को चारनवास गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों से 10 से 15 हजार रुपये में बैंक खाते लेकर अपने साथी विकास को 50 हजार रुपये में आगे बेच देते थे। सोमवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
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