मानसून से पहले अलर्ट पर हरियाणा: बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए ''एक्शन प्लान'' तैयार; 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

punjabkesari.in Wednesday, Apr 29, 2026 - 04:42 PM (IST)

हरियाणाा डेस्क : मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने संभावित बाढ़, लू और सूखे जैसी आपदाओं से निपटने के लिए राज्यभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संभागीय आयुक्तों और उपायुक्तों को नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने तथा जिला व राज्य स्तर पर समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। पंचकूला स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहले से ही 24 घंटे कार्यरत है। 

जिला अधिकारियों को मध्य मई तक बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि वास्तविक समय में समन्वय और रिपोटिर्ंग सुनिश्चित हो सके। साथ ही संचार व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्टिविटी और पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता अनिवार्य की गयी है। सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को सूखा प्रबंधन का नोडल विभाग बनाया है। सिंचाई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पुलिस और स्वास्थ्य विभागों को तटबंध मजबूत करने, जल निकासी दुरुस्त रखने, बिजली आपूर्ति बनाए रखने और चिकित्सा सेवाएं तैयार रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। राज्य सरकार की ओर से जारी कार्य योजना में मॉक ड्रिल, संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण, निकासी योजनाएं तैयार करने और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे उपाय शामिल हैं। अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान, जलाशयों के जलस्तर की निगरानी और डिजिटल माध्यमों से समय पर चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिये गये हैं। खोज एवं बचाव कार्यों को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। त्वरित प्रतिक्रिया दल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की तैनाती संबंधी जानकारी जुटा ली गयी है। संवेदनशील इलाकों में अस्थायी आश्रय, पेयजल, स्वच्छता और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। 

योजना में बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, कीट नियंत्रण और शवों के सुरक्षित निपटान के प्रावधान भी शामिल हैं। चिकित्सा टीमों और आपात सामग्री को पहले से तैयार रखने के साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाये जायेंगे। इसके अलावा सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जल संरक्षण, जलाशय प्रबंधन और फसल आकस्मिक योजनाएं तैयार की गयी हैं। विभागों को वर्षा के पैटर्न पर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। अमित जिला प्रशासन को मानसून के दौरान नियमित रिपोटिर्ंग और सतत निगरानी बनाये रखने के निर्देश दिये गये हैं। सरकार ने साफ किया है कि सक्रिय योजना और विभागीय समन्वय के जरिए जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने का लक्ष्य रखा गया है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Harman

Related News

static