नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता और सहयोग देने वाली मां को ताउम्र Jail, 3 साल तक की दरिंदगी
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 01:23 PM (IST)
रेवाड़ी: अपनी ही नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने और उसे चुप रहने के लिए धमकाने वाले कलयुगी पिता और मां को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत की अदालत ने मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी माता-पिता दोनों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) तथा 1.10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह सनसनीखेज मामला 27 फरवरी 2023 को सामने आया था, जब एक पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर महिला थाना रेवाड़ी में अपने ही सगे पिता और मां के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि वे 3 भाई-बहन हैं। जब वह 9वीं कक्षा में पढ़ती थी, तब पहली बार उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब उसने इस दरिंदगी के बारे में अपनी मां को बताया, तो मां ने उसे बचाने के बजाय उल्टे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया।
पीड़िता का आरोप था कि उसकी मां उसे जबरदस्ती पिता के पास भेजती थी और विरोध करने पर मारपीट व धमकाती थी। कलयुगी पिता पिछले 3 सालों से लगातार उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।
महिला थाना रेवाड़ी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत मिलते ही पॉक्सो (POCSO) एक्ट व संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पिता और मां दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली, जहां प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों, गवाहों और पीड़िता के बयानों के आधार पर विशेष न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई।