रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 3 शातिर गिरफ्तार... छह वारदातों का खुलासा
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 08:47 PM (IST)
रेवाड़ी(महेंद्र भारती): पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा (आईपीएस) के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए कोसली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सक्रिय और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पूछताछ के दौरान पिछले एक महीने में की गई छह पशु चोरी की वारदातों का खुलासा किया है।
डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि गांव रोहड़ाई निवासी किसान रामकिशोर ने थाना रोहड़ाई में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जुलाई की तड़के करीब 3:05 बजे से 3:15 बजे के बीच अज्ञात चोर उनके प्लॉट का ताला तोड़कर वहां बंधी एक भैंस और एक कटिया को पिकअप वाहन में लादकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना रोहड़ाई में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच सीआईए कोसली प्रभारी पीएसआई नितीश कुमार एवं उनकी टीम को सौंपी गई।
जांच के दौरान मुखबिरों की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 28 जुलाई को महेंद्रगढ़ जिले के गांव बसई निवासी राजू बंजारा तथा राजस्थान के जयपुर जिले के गांव जयसिंहपुरा खोर निवासी गोपी उर्फ पांडू बंजारा को गिरफ्तार किया। अदालत से चार दिन के पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीसरे मुख्य आरोपी मोहम्मद सलमान निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) को भी गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। मोहम्मद सलमान गांवों में भैंस व्यापारी बनकर पशुओं की रेकी करता था, जबकि राजू बंजारा और गोपी बंजारा लहसुन बेचने के बहाने गांवों में घूमते थे।
इसके बाद सभी आरोपी रात के समय पिकअप वाहन लेकर पहुंचते और पशुओं को चोरी कर उत्तर प्रदेश के पशु मेलों में बेच देते थे। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने पिछले एक महीने में की गई छह पशु चोरी की वारदातों को कबूल किया है। इनमें चार मामले रेवाड़ी, एक महेंद्रगढ़ और एक चरखी दादरी जिले का शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से भी भैंस चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने ग्रामीणों और किसानों से अपील करते हुए कहा कि पशुधन किसान की आजीविका का प्रमुख साधन है।
इसलिए गांवों में भैंस व्यापारी, लहसुन विक्रेता या अन्य किसी बहाने से घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित थाना या डायल-112 पर दें। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि चोरी किए गए मवेशियों की बरामदगी के साथ-साथ गिरोह के फरार सदस्यों, जिनमें रहीसू समेत अन्य आरोपी शामिल हैं, को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।