क्रिप्टो करंसी के जरिए यूएस के लोगों को ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़

punjabkesari.in Wednesday, Sep 28, 2022 - 10:16 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): सीएम फ्लाइंग ने क्रिप्टो करंसी के जरिए यूएस के लोगों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। ठगी के इस धंधे को चलाने के लिए आरोपियों ने 85 हजार रुपए प्रति माह पर जेएमडी मेगा पॉलिस मॉल में ऑफिस किराए पर लिया हुआ था। पुलिस ने रेड करने के बाद मौके से कुछ युवक व युवतियों को हिरासत में लिया। वहीं कॉल सेंटर संचालक समेत नौ पर केस कर गिरफ्तार किया है। सीएम फ्लाइंग ने मौके से पांच पेज की स्क्रिप्ट के साथ डेढ़ लाख रुपए, 4 लैपटॉप, तीन सीपीयू बरामद किए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है।

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फर्जी कॉल सेंटर को लेकर सीएम फ्लाईंग को शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद सीएम फ्लाईंग के डीएसपी इंद्रजीत यादव, एसीपी सदर, संजीव बल्हारा, क्राइम ब्रांच ईस्ट की संयुक्त टीम द्वारा सोहना रोड सेक्टर-48 स्थित जेएमडी मेगापॉलिस के सातवीं मंजिल पर छापेमारी की गई। जहां काफी लड़के व लड़कियां अंग्रेजी में हेडफोन लगाकर बात कर रहे थे। सभी के सामने कंपयूटर सिस्टम रखे हुए थे। कॉल सेंटर में मौजूद संचालक व कर्मियों ने एक भी भी वैध कागजात नहीं दिखाए। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक दिल्ली निवासी सतेंद्र उर्फ सैम, अंकिस सचदेवा समेत यूपी निवासी क्लोजर अभिवासन, कॉलर दिल्ली निवासी दीपक, यूपी निवासी एकलव्य, मणिपुर निवासी थोमसैंग, चौखोनी, मागौई गंगलुई व यूपी निवासी विशाल विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह कॉल सेंटर 6 महीने से चलाया जा रहा है। पहले भी यह कॉल सेंटर चल रहा था, लेकिन कोविड के कारण बंद कर दिया।

 

अधिकारी बन ग्रांट देने का देते झांंसा:

कॉल सेंटर में काम करने वाले शातिर ठग अपने आकाओं के कहने पर अमेरिका मूल के लोगों को कॉल करते थे। वे स्वयं को फेडरल ग्रांट डिपार्टमेंट वाशिंगटन विभाग का अधिकारी बताकर उन्हें 9 हजार से 34 हजार डॉलर की ग्रांट देने का झांसा देते थे। औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर उनसे 200 से 1600 डॉलर की प्रोसेसिंग चार्ज वसूली जाती थे। ठगी की इस राशि को पाने के लिए यह आरोपी लोगों को ईबे, टारगेट, स्टीम एंड गूगलपे के गिफ्ट कार्ड खरीदवाते थे और उनके कोड लेकर रिडीम करते थे।

 

क्रिप्टो करंसी में डील करने वाली मोबाइल एप से संपर्क:

गिफ्ट कार्ड को रिडीम कराने के लिए आरोपियों ने क्रिप्टो करंसी में डील करने वाली एक मोबाइल ऐप पैक्सफुल के ट्रेडर्स से संपर्क किया हुआ था। गिफ्ट कार्ड के जरिए यह राशि क्रिप्टो करेंसी के ऐप पैक्सफुल में आ जाती थी। जिसे ट्रेडर्स के जरिए कैश कराया जाता था।


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Content Writer

Pawan Kumar Sethi

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