हरियाणा की नन्हीं अर्शी बनी सबसे कम उम्र की स्पीड क्वीन, कहानी जान आप भी करेंगे सलाम

punjabkesari.in Sunday, Feb 15, 2026 - 06:37 PM (IST)

फरीदाबाद: जिस उम्र में बच्चे संभलकर चलना सीखते हैं, उस उम्र में सेक्टर-37 में अंचित गुप्ता की बेटी अर्शी साइकिल चलाने लगी थी। बल्कि इसको चलाना नहीं दौड़ाना कहेंगे। इसमें कभी-कभी अर्शी को चोट भी लगती थी। लेकिन दो दिन बाद ही अपने दर्द को भूल दोबारा साइकिल लेकर उसको दौड़ाने के लिए तैयार हो जाती थी। अर्शी 2025 इंडियन नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप (माइक्रो मैक्स श्रेणी आयु 8 से 11 वर्ष) जीतकर सबसे कम उम्र की राष्ट्रीय कार्टिंग चैंपियन बनी।

 
सोलर इंडस्ट्री में काम करने वाले अंचित गुप्ता की दो बेटियां है। अर्शी उनकी बड़ी बेटी है। वहीं मां दीप्ति गुप्ता एक डाक्टर है। अंचित को फार्मूला वन देखने का शौक है। लेकिन उन्होंने कभी रेसिंग ट्रैक पर आने की नहीं सोची। परिवार के किसी अन्य सदस्य का किसी भी खेल से कोई लेना देना नहीं है। अंचित बताते हैं कि उनकी बेटी को तीन साल की उम्र से ही स्पीड पसंद थी। वह साइकिल चलाने में अपने साथ के सभी बच्चों को पीछे छोड़ देती थी। अर्शी का स्पीड से लगाव देखकर अंचित ने उसको रेसिंग ट्रैक की तरफ मोड़ने का मन बनाया। काफी खोजबीन करने के बाद गुरुग्राम सेक्टर-83 मानेसर में कार्टिंग रेसिंग सिखाने वाले रोहित खन्ना के बारे में जानकारी मिली।


अंचित अपनी बेटी को दिसंबर 2023 में सेक्टर-83 रोहित खन्ना के पास रेसिंग ट्रैक पर गए। रोहित ने अर्शी के कुछ सामान्य टेस्ट लेने के बाद उसको कार्टिंग रेसिंग सिखाने की हामी भर दी। इसके बाद से नन्हीं चैंपियन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।वह सप्ताह में तीन दिन फरीदाबाद से गुरुग्राम ट्रेनिंग के लिए जाने लगी। इसके बाद जनवरी 2024 में वह रोहित की अकादमी की सीनियर टीम के साथ बेंगलुरु में अभ्यास के लिए भी गई। 2025 के नेशनल सीजन के दौरान चेन्नई और बेंगलुरु में जीत हासिल की।

 


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Content Writer

Isha

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