किसानों को नहीं होगा घाटा, देर से फसल बेचने पर MSP के साथ इंसेटिव देगी सरकार

3/26/2020 9:47:37 PM

चंडीगढ़ (धरणी): प्रदेश में अब गेहूं की फसल काटने का समय आ गया, इसके साथ ही प्रदेश के किसानों को एक चिंता ने जन्म दे दिया है कि इस आफत की घड़ी में  उनकी फसल कैसे बिकेगी? जबकि कोरोना वायरस के कारण सबकुछ बंद पड़ा है। लेकिन हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसानों की इस समस्या का हल निकाल लिया है। इस बारे में सरकार ने किसानों को इंसेंटिव देने की नीति बनाई है। नीति के मुताबिक, जो किसान फसल को जितनी देर से बेचेगा उसे उतना ही इंसेटिव एमएसपी के साथ मिलेगा।

हरियाणा सरकार की इस नीति के अनुसार इंसेटिव दिए जाने को लेकर अलग-अलग समयावधि निर्धारित की गई है, जिसके दौरान फसल बेचने पर निर्धारित इंसेटिव दिया गया। इसमें 20 अप्रैल से 5 मई तक फसल बेचने वाले किसानों को सिर्फ एमएसपी ही मिलेगी। इसके बाद 6 मई से 31 मई तक फसल बेचने वाले किसानों को एमएसपी के साथ 50 रूपये इंसेंटिव दिया जाएगा। वहीं अगर कोई किसान 1 जून से 30 जून तक अपनी फसल बेचता है तो उसे सबसे ज्यादा इंसेंटिव 125 रूपये एमएसपी के साथ दिया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से उबरने के लिए देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इस दौरान हर तरह की मंडिया व व्यसाय बंद रहेंगे। ऐेसे में किसानों को अपनी फसल की चिंता होने लगी थी, लेकिन अब किसान अपनी फसल देर से बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

वहीं हरियाणा सरकार ने किसानों को बंद के दौरान भी बड़ी राहत दी है। किसान अपने खेतों में बेरोकटोक आवाजाही कर सकते हैं। फसल कटाई में भी किसानों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। कटाई के लिए आवागमन करने वाली कंबाइन हार्वेस्टर और दूसरी मशीनों को सड़कों पर रोका नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में पुलिस, प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए हैं। 

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने गाइडलाइन जारी की हैं। बंद की वजह से किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। किसानों की गेहूं और सरसों की फसल की खरीद हर साल की तरह इस साल भी सही समय पर एमएसपी पर की जाएगी। मंडियां चलाने और किसान की फसल बिकवाने में कोई समस्या नहीं आने देंगे। दलाल ने कहा है कि खेतों में जरूरी मशीनें ले जाने पर किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। फसल को खराब नहीं होने दिया जाएगा।


Shivam

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