कैथल में इन चार BLOs पर दर्ज होगी FIR, निर्वाचन आयोग के सख्त आदेश; SIR अभियान में लापरवाही का आरोप
punjabkesari.in Wednesday, Jul 01, 2026 - 11:28 AM (IST)
कैथल (जयपाल रसुलपुर) : कैथल जिले में भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान में लापरवाही बरतने वाले चार बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। गुहला (एससी) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ)-सह-एसडीएम ने थाना प्रभारी गुहला एवं सीवन को पत्र जारी कर संबंधित बीएलओ के विरुद्ध जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पत्र के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 15 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन, पात्र मतदाताओं का पंजीकरण तथा मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए सभी बीएलओ को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए थे।
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के अनुसार, 30 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक संबंधित चारों बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर 20 प्रतिशत से भी कम ईपीआईसी डिजिटाइजेशन का कार्य कर पाए थे। जबकि उन्हें कई बार दूरभाष के माध्यम से कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए और नोटिस जारी कर प्रगति सुधारने को कहा गया। इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
पत्र में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग का यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध है। ऐसे में कार्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता को गंभीरता से लिया गया है। इसी आधार पर संबंधित बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
जिन बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें मतदान केंद्र संख्या 81 (भागल) के कर्म सिंह, 103 (औंध) के नरेंद्र पाल, 170 (सीवन) के अनिल कुमार तथा 191 (लैंडर कीमा) के राजेश कुमार शामिल हैं। थाना प्रभारी गुहला एवं सीवन को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई की सूचना निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
इस संबंध में जारी पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कैथल, पुलिस अधीक्षक कैथल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कैथल तथा संबंधित सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को भी भेजी गई है। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज करती है, तो निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कैथल जिले में यह एक अहम प्रशासनिक कार्रवाई मानी जाएगी।