पूर्व सांसद राजकुमार सैनी का विवादित बयान, बोले- धार्मिक कथाएं मानसिक रूप से गुलाम बना रहीं...
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 08:13 PM (IST)
फरीदाबाद(अनिल राठी): फरीदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सियासत गरमा दी है। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं, देवी-देवताओं और रामायण को लेकर तीखी टिप्पणी की, जिससे नया विवाद खड़ा हो सकता है।
फरीदाबाद पहुंचे पूर्व सांसद राजकुमार सैनी ने समाज और धर्म से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब लोग सम्राट अशोक, गौतम बुद्ध, ज्योतिबा फुले और भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों को पढ़ेंगे, तभी उन्हें अपने अधिकारों की समझ आएगी। सैनी ने धार्मिक मान्यताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोगों को “काल्पनिक कहानियों” में उलझाकर रखा गया है, जिससे उनकी सोचने की क्षमता प्रभावित हुई है।
उन्होंने रामायण को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और कहा कि इसे काल्पनिक रूप में पेश किया गया है, जबकि “सच्ची रामायण” का दावा ललई सिंह यादव द्वारा लिखी गई पुस्तक में किया गया है, जिसे पेरियार ई.वी. रामासामी ने प्रचारित किया था। सैनी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 1976 को इस विषय में फैसला भी दिया था (हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है)। उन्होंने मौजूदा धार्मिक कथाओं और संत-महात्माओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह सब लोगों को “मानसिक रूप से गुलाम” बनाए रखने का माध्यम बन गया है।
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि देश में बहुसंख्यक आबादी को उनके अधिकारों के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने समाज में एकजुटता की कमी और जातीय विभाजन को इसकी बड़ी वजह बताया। राजकुमार सैनी ने ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि छोटे देश भी वैश्विक ताकतों को चुनौती दे सकते हैं। यह बयान अब राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई बहस छेड़ सकता है। देखना होगा कि इस पर क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।