SC ने हजारों कर्मियों को दी संजीवनी, 10 साल की सेवा वालों की पक्की हुई नौकरी...जानें क्या है पूरा मामला
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 04:53 PM (IST)
चंडीगढ़: सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा में संविदा, तदर्थ और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले में आंशिक संशोधन किया है। शीर्ष कोर्ट ने 16 जून, 2014 और 18 जून, 2014 की अधिसूचनाओं को बरकरार रखा है।
इन अधिसूचनाओं में 1996 की पिछली नीति से बाहर रह गए कर्मचारियों को नियमित करने का प्रावधान था मगर 7 जुलाई 2014 की अधिसूचनाओं को मनमाना और अवैध घोषित किया। इन नीतियों के तहत नियमित किए गए करीब चार हजार कर्मचारियों के नियमितीकरण को बरकरार रखा गया है। इससे चार हजार से ज्यादा कर्मियों को राहत मिल गई है। वे पक्के के तौर पर काम करते रहेंगे। 2014 की इन नीतियों के तहत 31 दिसंबर 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले लगभग चार हजार कर्मचारियों को नियमित करने का प्रावधान था। 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले तीन नीतियां जारी कर कर्मियों को पक्का करने का प्रावधान किया गया। चुनाव बाद सरकार बदली तो इन नीतियों को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने इन नीतियों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
कच्चे कर्मचारियों की नौकरी हुई सुरक्षित : हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। हुड्डा ने कहा, इस फैसले से हरियाणा के हजारों कच्चे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित हो गई है। लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कर्मचारियों पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। कांग्रेस सरकार ने 2014 में कच्चे कर्मचारियों के हित में यह बड़ा फैसला लिया था।