हरियाणा में दूसरे विभागों के अधिकारियों की नियुक्तियों से एचसीएस खेमे में रोष

10/26/2020 2:10:51 PM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा में एचसीएस अधिकारियों के पदों पर दूसरे विभागों के अधिकारियों की नियुक्तियों से एचसीएस खेमे में रोष होने की खबर है। एचसीएस की एसोशिएशन में भी बवाल होना स्वाभाविक है, जिसके चलते कुछ महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने एसोसिएशन की पोस्ट्स पर काम न करने की इच्छा व्यक्त की है।

हरियाणा के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जो कोशिशें अतीत में तत्कालीन मुख्यमंत्रियों बंसीलाल और भूपिंदर सिंह  हुड्डा ने आरटीए सचिव व डीटीओ लगाकर कोशिशें की, अब भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार में भी वैसे ही प्रयास कितने कारगर होंगे, इस पर सबकी नजरें हैं।

पिछली सरकारों ने कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रही। बंसीलाल जब सीएम थे तो उन्होंने डिविजन लेवल पर आरटीए सचिव लगाए, नाकामयाबी मिली। उनके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डीटीओ लगाए। बाद में एसडीएम को चार्ज देने पड़े। व्यवस्था सुधारने के लिए मनोहर लाल ने सीनियर एचसीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। परिवहन मंत्री की ओर से सुझाव आया कि स्वतन्त्र रूप से आरटीए लगाए जाएं। बता दें कि गठबंधन सरकार ने इन पदों पर दूसरे विभागों के अधिकारियों की नियुक्तियों का ऐलान हाल ही में किया है। 

नियुक्तियां शुरू भी हो चुकी हैं। अभी तक जारी सूचियों को देखें तो शनिवार रात को सात एचसीएस, पांच एचपीएस, वन विभाग के दो और रोजगार विभाग के दो अफसरों को आरटीए सचिव के पद पर नियुक्ति दी है। एचपीएस मनीष सहगल को अंबाला रोडवेज का महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है।

मनोहर पार्ट वन सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल विज की सीआईडी करवाने के मामले के बाद सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में आइपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को बिजली निगमों का चेयरमैन नियुक्त कर दिया था। जहां सदैव आईएएस अधिकारी रहते रहे हैं। इसी तरह आइपीएस अधिकारी अमिताभ ढिल्लों को खनन एवं भूगर्भ विभाग के महानिदेशक का पद सौंपा गया।

यह पद भी आईएएस अधिकारी का है। आइपीएस ओपी सिंह को भी मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी लगाया जा चुका है। अनिल विज पुलिस विभाग के अधिकारियों को पुलिस विभाग में वापसी के लिए सदैव आवाज बुलंद करते रहें है व उनका पक्ष रहा है कि डेपुटेशन पर गए पुलिस अधिकारी वापिस विभाग में भेजे जाएं।


Shivam

Related News