दक्षिण हरियाणा की राजनीति में उबाल : कैबिनेट में जगह पाने के लिए शुरू हुआ शह-मात का खेल

punjabkesari.in Wednesday, Dec 01, 2021 - 02:46 PM (IST)

रेवाड़ी/महेंद्रगढ़ (योगेंद्र सिंह) : खट्टर सरकार कैबिनेट विस्तार को लेकर लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म है। सीएम मनोहरलाल खट्टर के पीएम नरेंद्र मोदी से चर्चा के बाद इन चर्चाओं ने ओर जोर पकड़ लिया है। संभवत : यही कारण हैं कि विस्तार में दक्षिण हरियाणा से एक या दो मंत्री की कुर्सी जाने की अफवाहों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी के चलते भाजपा के अंदर दक्षिण हरियाणा की राजनीति में उबाल आना शुरू हो गया है। एक-दूसरे को मात देकर मंत्री बनने के लिए विधायक एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। कईयों ने दिल्ली से चंडीगढ़ तक की दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया है। वहीं बावल सीएम की रैली के दौरान भाजपा नेताओं में खींचतान साफ तौर पर देखने को मिली और संभवत : यह सब खट्टर सरकार में मंत्री पद बनाए रखने या पद हथियाने की राजनीति का ही एक अंग नजर आ रही थी।

भाजपा के साथ ही जजपा नेता लगातार मंत्रीमंडल विस्तार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और जब-जब सीएम मनोहरलाल खट्टर का दिल्ली दौरा या फिर पीएम, गृहमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात होती है, तो यह चर्चाओं ओर भी तेज हो जाती हैं। लंबे समय से अफवाहों का बाजार गर्म है कि मंत्रीमंडल विस्तार में इस बार दक्षिण हरियाणा से एक या दो मंत्री की छुट्टी हो सकती है और इसी के चलते यह मंत्री अपने आकाओं से गुहार लगाकर अपनी कुर्सी बचाने की कवायद में जुटे हुए हैं। हालांकि मंत्रीमंडल विस्तार में कम से कम दो मंत्री पद दक्षिण हरियाणा का हिस्सा आगे भी जारी रहने की संभावनाएं हैं।

वहीं मंत्री की दौड़ में सबसे आगे नांगल चौधरी विधायक डॉ अभय सिंह यादव एवं कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। डॉ अभय सिंह जहां अपने कामों के कारण मंत्री पद पाने की दौड़ में हैं, तो लक्ष्मण सिंह ने पहले लोकसभा एवं फिर विधानसभा चुनाव में जमकर पार्टी की जीत के लिए पसीना बहाया था। वहीं वह संघ के भी करीबी हैं और इसी के चलते उनका नाम भी मंत्री पद के लिए चल रहा है। हालांकि वर्तमान में खट्टर सरकार के मंत्रीमंडल में बावल के डॉ बनवारीलाल व ओमप्रकाश यादव शामिल हैं। यह दोनों ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के करीबी हैं और इनकी कुर्सी बचाने के लिए वह अपने पावर का भी उपयोग अवश्य करेंगे। हालांकि जिस प्रकार से राव इंद्रजीत सिंह एवं पार्टी के बीच तल्खी नजर आ रही है उससे तो लगता है कि उनके लिए इन दोनों की कुर्सी बचाना इतना आसान नहीं होगा।

 
बावल सीएम रैली में दिखी वर्चस्व की लड़ाई, लक्ष्मण ने जताई नाराजगी
बावल प्रगति रैली में सीएम के सामने भाजपा नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई सार्वजनिक रूप से देखने को मिली।  हेलीपेड पर सीएम का स्वागत का मौका हो या फिर मंच पर सम्मान का दोनों जगह ही कैबिनेट मंत्री डॉ बनवारीलाल, जिला अध्यक्ष हुकम सिंह यादव व वीर सिंह यादव का ही वर्चस्व रहा। यहां तक मंच पर बोलने का भी मौका नहीं दिया गया। इस अवसर पर रामबिलास शर्मा, कृषि मंत्री जेपी दलाल, राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव सहित अनय विधायकों की खुलकर उपेक्षा की गई। हालांकि कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह ने इस पर सीएम के सामने आपत्ति जताई। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा में अंदरखाने सब कुछ वैसा नहीं चल रहा जैसा कि दिखाने का प्रयास किया जा रहा।  
 
मंत्रीमंडल विस्तार में संघ की भूमिका भी अहम
खट्टर सरकार के बहुप्रतिक्षित मंत्रीमंडल विस्तार के लिए भाजपा नेताओं सहित जजपा नेता लगातार इंतजार कर रहे हैं। सीएम खट्टर भी मंत्रीमंडल विस्तार में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे वह पीएम, गृहमंत्री से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को विश्वास में लेने के साथ ही संघ को भी नाराज नहीं करना चाहते हैं। बताया जाता है कि मंत्रीमंडल विस्तार में संघ का भी हस्तक्षेप रहेगा और इसके लिए संघ के संपर्क में सीएम हैं। संभवत : संघ की सक्रियता एवं उसके हस्तक्षेप के चलते ही इस बार कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह का नाम भी मंत्री बनने की दौड़ में चल रहा है। लक्ष्मण सिंह के साथ एक बात यह पक्ष में है कि उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह के लोकसभा चुनाव में जमकर पसीना बहाया और अपने एरिये के साथ ही उन्हें विजयी बनाने में खासी मशक्कत की। इसी के चलते राव इंद्रजीत सिंह का भी उन्हें वदहस्त प्राप्त है।  हालांकि कोई भी मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर खुलकर नहीं बोल रहा लेकिन दक्षिण हरियाणा में भाजपा के अंदर शह-मात का खेल भाजपा विधायक, नेता व मंत्रियों के बीच जमकर चल रहा है।


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Content Writer

Isha

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