किसानों की बल्ले-बल्ले! 1 दिन में मिलेगा जे-फॉर्म, मंडी के चक्करों से मुक्ति... अब इतने दिनों में होगा हर काम!
punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 08:46 AM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी बड़ी खबर है। फसलों की बिक्री के बाद अब उन्हें अपने 'जे-फॉर्म' (J-Form) के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 10 बड़ी सेवाओं को 'सेवा का अधिकार अधिनियम' (Right to Service Act) के तहत अधिसूचित कर दिया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद अब अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर ही किसानों से जुड़े काम निपटाने होंगे। ऐसा न करने पर जवाबदेही तय होगी।
किस सेवा के लिए कितने दिन तय?
नए नियमों के मुताबिक, विपणन बोर्ड की प्रमुख सेवाओं के लिए सख्त समय-सीमा (Deadlines) निर्धारित की गई है।फसल बिक्री के बाद अब मात्र 1 दिन के भीतर जारी करना होगा। अगर मंडियों के शौचालय गंदे पाए जाते हैं, तो शिकायत के 2 दिनों के भीतर उन्हें साफ करना अनिवार्य होगा। कृषि कार्य के दौरान दुर्घटना या मौत होने पर, बिसरा रिपोर्ट मिलने के 1 महीने (30 दिन) के अंदर पीड़ित परिवार या आश्रितों को सहायता राशि जारी करनी होगी।बेबाकी प्रमाण पत्र और गिरवी रखने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अधिकतम 15 दिनों में जारी करना होगा।हस्तांतरण विलेख (Transfer Deed), एनओसी, आवंटन प्रतिलिपि, दोबारा आवंटन और विक्रय से जुड़े मामलों का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना होगा। विक्रय के मामलों में संपत्ति के दोबारा अंतरण (Re-transfer) से संबंधित मामलों के लिए अधिकतम 60 दिन का समय तय किया गया है।
प्रशासनिक सुधार: लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य मंडियों और विपणन बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर लगाम लगाना है। राइट टू सर्विस (RTS) के दायरे में आने से अब यदि कोई अधिकारी तय समय में काम नहीं करता, तो किसान उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे और संबंधित अधिकारी पर जुर्माना भी लग सकता है।