ईडी की रेड पर भड़के गोपाल कांडा: बोले- ''बिना नोटिस कार्रवाई से कारोबारियों में फैला डर, कोई अवैध लेनदेन नहीं हुआ''

punjabkesari.in Saturday, Sep 19, 2026 - 07:23 PM (IST)

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा ने बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपने फार्महाउस और कार्यालय में की गई छापेमारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांडा ने कहा कि बिना जांच-पड़ताल और कागजी साक्ष्यों के इस तरह की रेड से न केवल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि इससे सरकार की साख पर भी असर पड़ रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।

हलोपा राज्य की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए के सहयोगी दलों में शामिल है। पिछला विधानसभा चुनाव हलोपा और भाजपा ने मिलकर लड़ा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यह छापेमारी रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड के साथ 2008 में हुई 248.46 करोड़ रुपये की जमीन के एक सौदे की जांच के लिए की थी। ईडी को संदेह था कि वाटिका ग्रुप से डायवर्ट किया गया फंड गोपाल कांडा की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया था।

गोपाल कांडा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ईडी को लगा था कि 35 करोड़ रुपये की एक एंट्री वाटिका ग्रुप से हमारी कंपनी में गई है और पैसा वापस नहीं आया, जबकि सच्चाई यह है कि 35 करोड़ की ऐसी कोई भी एंट्री वाटिका ग्रुप और गोपाल कांडा की कंपनी की तरफ से पेंडिंग नहीं थी। यह अपनी तरह का पहला ऐसा मामला है, जब एक एंट्री के शक पर ईडी ने रेड की है।

हलोपा प्रमुख ने ईडी की इस अचानक कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया और अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि बिना किसी पूर्व नोटिस के इस तरह की रेड कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वाटिका ग्रुप की ओर से पहले ही यह कहा जा चुका है कि गोपाल कांडा अथवा उनकी कंपनी के बीच कोई एंट्री या राशि पेंडिंग नहीं है। ऐसे में बिना किसी नोटिस और आधार के इस तरह सीधे रेड डालना उत्पीड़न है।

गोपाल कांडा ने आशंका जताई कि ईडी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार और उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह कार्रवाई की गई है। बिना जांच-पड़ताल और कागजी साक्ष्यों के इस तरह की रेड से सरकार की साख पर भी असर पड़ रहा है। यदि बिना किसी नोटिस के ऐसी कार्रवाई होती रही तो व्यापारियों, उद्यमियों और कारोबारियों में भय पैदा होता रहेगा और उनकी साख पर विपरीत असर पड़ेगा।
 


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Content Writer

Isha

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