हरियाणा में महाराजा अग्रसेन की जीवनी शुरू करे  सरकार : विजय बंसल

punjabkesari.in Sunday, Jul 03, 2022 - 03:42 PM (IST)

 चंडीगढ़( चंद्रशेखर धरणी): हरियाणा की भाजपा जजपा सरकार प्रदेश के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में कलयुग के अवतारी महाराजा भगवान अग्रसेन जी की जीवनी को शुरू नही कर रही है,यह कहना अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और उत्तर भारत प्रभारी विजय बंसल एडवोकेट का है।जानकारी देते हुए विजय बंसल ने कहा कि 7 जुलाई 2021 को पंजाब सरकार के तत्कालीन केबिनेट मंत्री विजय इंद्र सिंगला से मिलकर इस मांग को पूरा करने के लिए कहा था जिसपर उन्होंने अगले सत्र से शुरू करने बारे आश्वत किया था,और अब इसे कक्षा सातवी की हिंदी पुस्तक में डालकर पूरा भी कर दिया है।विजय बंसल ने 27 जून 2021 को इस मामले को कार्यकारिणी की बैठक में प्रमुखता से उठाया था जहां ज्ञान चंद गुप्ता भी मोजूद थे।

हालांकि एक साल पहले 3 जुलाई 2021 को ही स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता से भी मिलकर मांग की थी,परंतु अब तक हरियाणा में मांग पूरी नहीं हुई जोकि समाज में रोष की स्थिति पैदा कर रहा है।खास बात यह भी है कि हरियाणा में भाजपा के 8 विधायक अग्रवाल समाज से है तो वही पहले कांग्रेस शासन के समय अग्रसेन जीवनी शुरू की गई थी जिसे भाजपा ने बंद कर दिया था। विजय बंसल ने कहा कि हरियाणा सरकार के पाठ्यक्रम में महाराजा अग्रसेन की जीवनी को शुरू किया जाना बेहद जरूरी है।कलयुग के अवतारी भगवान महाराजा अग्रसेन जी की जीवनी को पाठ्यक्रम में डालकर बच्चो को निडर,शूरवीर व आत्मविश्वास कायम करने की प्रेरणा उत्तपन करने से एक नया उदाहरण समस्त देश के लिए पेश होगा। 

बंसल ने बताया कि अग्रवाल समाज देश की सेवा में,सामाजिक कार्यो में व देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए टेक्स के माध्यम से सहयोग करने में सबसे अग्रणी है।इसके लिए तुरन्त विजय इन्द्र सिंगला ने शिक्षा विभाग की सिलेबस कमेटी को अगले पाठ्यक्रम में जीवनी डालने के लिए निर्देशित किया था,ऐसे ही हरियाणा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने भी आश्वत किया था परंतु हरियाणा में भाजपा सरकार ने इस मांग को अभी तक पूरा नहीं किया जिससे अग्रवाल समाज में भारी रोष है।

 

विजय बंसल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन समाजवाद के सबसे अग्रर्णी थे जिन्होंने संसार को एक धागे ने पिरोते हुए भेदभाव को खत्म करते हुए अपने राज्य में आने वाले हर आगुन्तक परिवार को एक रुपया एक ईंट देने का संकल्प लिया हुआ था।महाराजा अग्रसेन अहिंसा के पुजारी थे जिन्होंने पशु बलि के खिलाफ होकर क्षत्रिय से वैश्य वर्ण धारण कर लिया।कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत के युद्ध मे अपने पिता सहित युद्ध किया।महाराजा अग्रसेन का योगदान आज भी इतिहास के पन्नो में दर्ज है।

 

 


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Content Writer

Isha

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