हमने सरकार से कोई समर्थन वापिस नहीं लिया, हम CM व सरकार के साथ है : रणधीर सिंह गोलन

12/19/2020 9:49:23 AM

चंडीगढ़ (धरणी) : दिसंबर के महीने की इस कपकपाती ठंड में राजनीति का माहौल पूरा गर्म है। पहला कारण है किसान आंदोलन और दूसरा कारण है किसान आंदोलन के कारण हरियाणा सरकार से रोज निर्दलीय विधायकों द्वारा समर्थन वापसी की खबरें उठती है। बैसाखियों के सहारे चल रही सरकार इस कंपकपाती ठंड में पसीनों से लबालब है। एक और जहां मंत्री अपनी सरकार को चट्टान की तरह मजबूत बता रहे हैं। वहीं दूसरी और निर्दलीय विधायक आए दिन मीटिंग करके सरकार का बिन कुछ कहे प्रेशर बड़ा रहे हैं। जिसमें 6 निर्दलीय विधायक शामिल हुए। इन विधायकों में सोमवीर सांगवान और जोगीराम सिहाग के शामिल होने पर सरकार को गहरी चिंता में डाल दिया। मीटिंग के बाद निर्दलीय विधायक गोलन के बयानों के बाद यह साफ है कि वह सभी हरियाणा में  बड़ा राजनीतिक भूचाल भी ला सकते हैं। 

मीटिंग में विधायकों का एजेंडा क्या था और मुख्यमंत्री से मिलकर किस प्रकार के बात की गई? जानने के लिए पंजाब केसरी ने हरियाणा टूरिज्म के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन से विशेष मुलाकात की। गोलन का कहना है कि हमने सरकार से कोई समर्थन वापिस नहीं लिया। हम सी.एम. व सरकार के साथ है। गोलन के निवास पर हाल ही में इन विधायकों की मीटिंग हुई, इसलिए उनसे बातचीत एक विशेष महत्व रखती है। बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं:-

प्रश्न : किन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हैं ? 
उत्तर :
हम लोग किसानों के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिले और उनके  सामने एक ही बात रखी कि जो आंदोलन चल रहा है माननीय प्रधानमंत्री से मिलकर इसे जल्द से जल्द निपटाने का काम करें। ताकि सर्दी के मौसम में हजारों किसान भाई दिल्ली के चारों और बैठे हैं। उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करके निपटाने का काम करें और मुख्यमंत्री महोदय ने भी आश्वासन दिया है कि प्रधानमंत्री से बात करके दो-तीन दिन में ही इसका समाधान निकाला जाएगा।

प्रश्न : किसान दिल्ली के चारों ओर बैठे हैं। आपकी निजी राय क्या है ?
उत्तर :
किसान देश का अन्नदाता है और देश के 70% आबादी खेती से जुड़ी है। किसानों को लग रहा है कि तीनों कानून हमारे लिए नुकसानदायक हैं तो प्रधानमंत्री मोदी जी को किसानों की बात माननी चाहिए। मैं भी किसान वर्ग से हूं। चाहे किसान छोटा हो या बड़ा, किसान कर्ज बंद है। वह इस बात से भयभीत है कि जो कानून बने हैं इससे कहीं तुम्हारी जमीन छीन जाए। कहीं तुम्हें फसल का रेट ठीक ना मिले। इस प्रकार की सोच पूरे देश के किसान को भयभीत कर रही है। सरकार को चाहिए कि किसानों के हित में निर्णय लिया जाए।

प्रश्न : 6 विधायकों की मीटिंग आपके यहां हुई। लेकिन यहां चार पहुंचे बाकी दो विधायक कौन थे ?
उत्तर :
एक सोमवीर सांगवान जी जो कि किसानों को लेकर चेयरमैनी से भी रिजाइन दे चुके हैं। दूसरे जननायक जनता पार्टी के जोगीराम सिहाग जी थे। हमने इकट्ठे लंच किया। जनता के प्रतिनिधि होने के नाते वहां किसानों की बात होना स्वभाविक थी।

प्रश्न : पहले भी निर्दलीय विधायकों की मीटिंग हुई और आज भी हुई। क्या भविष्य में भी अगले मीटिंग को लेकर कोई रणनीति बनाई गई ?
उत्तर :
ऐसी कोई बात नहीं, जब भी मन करता है बैठ जाते हैं। कभी किसी विधायक के घर और कभी किसी विधायक के घर।

प्रश्न : कृषि कानूनों को लेकर मुख्यमंत्री से क्या वायदा, क्या आश्वासन मिला ?
उत्तर :
माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने हमारी बात को सुनते हुए जल्दी शत-प्रतिशत इस मामले को निपटाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि हम सभी किसान हैं और किसानों की बात सहानुभूति पूर्वक मानेंगे और किसानों की उचित माँगो का प्रधानमंत्री जी जल्द ही समाधान निकालेंगे।

प्रश्न : सरकार एम.एस.पी. देने की बात कर रही है।लेकिन किसान उस पर विश्वास क्यों नहीं कर पा रहा ?
उत्तर :
सरकार कह रही है कि हम एम.एस.पी. लागू रखेंगे। लेकिन किसानों को यह भय है कि यह मूजबानी कह रहे हैं। लेकिन जब तक कानून नहीं बनाएंगे। तब तक एम.एस.पी. लागू कैसे करेंगे। जब किसान एम.एस.पी. को संसद में पास करने के लिए कह रहा है। जब तीन कानून कर दिए तो चौथा भी कर देना चाहिए। इसमें आपत्ति क्या है।

प्रश्न : आपका इस मामले में स्टैंड क्या है ?
उत्तर :
हमारा स्टैंड साफ है। हम किसानों के साथ हैं और किसानों के साथ ही रहेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं है।


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Manisha rana

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