सरकार के पास अपनी जमीनों का होगा पूरा डाटा मौजूद : संजीव कौशल

punjabkesari.in Thursday, Aug 12, 2021 - 03:04 PM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी) : प्रदेश के सरकारी महकमों, बोर्ड, कॉरपोरेशनस इत्यादि को आने वाले समय में किसी प्रकार के प्रोजेक्ट लगाने के लिए जमीन एक्वायर करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ेगी। क्योंकि आरएफसीटी लैंड एक्विजिशन का नया एक्ट जो 2013 में बनाया गया था, जिसमें लैंड बैंक का भी एक प्रावधान रखा गया था। जिसके चलते प्रदेश सरकार के पास अपनी जमीनों की रेडीमेड लिस्ट तैयार होगी। जिसमें कितनी और किस-किस जगह पर सरकार की जमीने मौजूद हैं सारा डाटा होगा।

किसी भी प्रकार के प्रोजेक्ट लगाने के लिए सरकार इन मौजूद जमीनों में से प्रोजेक्ट के अनुरूप जमीन का चुनाव करके अपने काम को गति दे पाएंगे। अतीत में सरकार के किसी भी महकमे को किसी भी प्रकार के प्रोजेक्ट लगाने से पहले जमीन अधिग्रहण को लेकर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। जमीन अधिग्रहण के बाद भी जमीन मालिक न्यायालय में केस डालकर जमीन कीमत से कहीं अधिक कीमत सरकार से वसूल लेते थे। अब सरकार के लैंड बैंक मे विभिन्न प्रकार की- विभिन्न क्षेत्रों में -विभिन्न साइज की जमीनों का डाटा मौजूद हो जाएगा। जिससे इस प्रकार की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। साथ ही इससे जनता को भी भारी लाभ होने वाला है। क्योंकि कई बार छोटे रकबे वाले किसान या फिर कहीं बाहर रहने वाले किसानों को अपनी जमीन का सही मूल्य नहीं मिल पाता था और खरीदार अपनी शर्तों पर उनकी जमीन खरीदता था।

लेकिन अब इस प्रकार के लोग सरकार को अपनी जमीन बेचने के लिए ऑफर कर सकेंगे। सरकारी जमीन को खरीद कर अपने लैंड बैंक में शामिल कर सकेगी और उसका इस्तेमाल अपने हिसाब से कभी भी कर सकेगी। यानि सरकार का लैंड बैंक जहां सरकार के लिए बेहद उपयोगी होगा, वहीं किसानों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह जानकारी आज मुंसिपल कमिश्नर रिवेन्यू एवं आपदा एवं प्रबंधन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल ने पंजाब केसरी से बातचीत के दौरान दी।

संजीव कौशल ने बताया कि भारी बारिश के दौरान कुछ जगहों पर अत्याधिक पानी खड़ा हो जाता है। लेकिन हमारे उपायुक्त व पूरी सरकारी मशीनरी इस मामले को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है। इसमें रिवेन्यू, इरीगेशन और शहरी क्षेत्रों में अर्बन लोकल बॉडीज के लोग जुड़ कर पानी को स्पीड से निकालने का काम करते हैं। जिसके लिए पंप- मोटर इत्यादि लगाकर निकासी की जाती है। अगर कहीं नाला या चैनल रुक जाता है, जाम हो जाता है, तो उसे भी तुरंत खोला जाता है।

हमारे अधिकारी इस काम में बिना लापरवाही के बड़ी मेहनत से काम करते हैं और हम खुद लगातार रिपोर्ट्स लेते रहते हैं। बतौर मुंसिपल कमिश्नर रिवेन्यू मेरे पास हर जिले से रोजाना रिपोर्ट आती हैं। यह सीजन धान की खेती का है और धान की फसल में पानी खड़े होने से नुकसान नहीं होता। कुछ दूसरी फसलों में नुकसान हो सकता है। हमारे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अगर इस प्रकार की रिपोर्ट दी जाती हैं तो हम स्पेशल गिरदावरी करवाते हैं। अगर किसी जिले से हमारे पास नुकसान की सूचनाएं आती हैं, तो अवश्य उसके बारे में हम फैसला लेगे।

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Content Writer

Manisha rana

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