पहली डिजिटल जनगणना के लिए हरियाणा तैयार, प्रदेश में जनगणना-2027 की बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 04:38 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में जनगणना-2027 को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना के सफल और समयबद्ध संचालन के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, नगर निगम आयुक्तों के एक दिवसीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि यह जनगणना केवल एक सांख्यिकीय कवायद भर नहीं, बल्कि आने वाले दशक की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत संरचना के विकास की नींव है। साथ ही, यह राज्य की प्रशासनिक और तकनीकी दक्षता तथा समन्वय कौशल की भी परीक्षा है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधान जनगणना अधिकारियों को जनगणना की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं तथा उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों के प्रति संवेदनशील बनाना है। मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों ने राज्य में कम बाल लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान करने में मदद की और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से लक्षित हस्तक्षेप संभव हुआ।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि जनगणना में उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का पूर्ण कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। मंडलायुक्त अपने अधीन जिलों की नियमित समीक्षा करें और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण और संवेदनशीलता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के लिए जारी की गई धनराशि का समुचित उपयोग किया जाए।
उन्होंने बताया कि देश में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। इसके पहले चरण में ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ 1 मई से 30 मई, 2026 तक की जाएगी। वर्ष 1966 में राज्य गठन के बाद से, हरियाणा के लिए यह छठी जनगणना होगी। परंपरागत प्रक्रिया से हटकर इस बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नागरिक अपने विवरण पहले ही ऑनलाइन भर सकेंगे। जानकारी सबमिट करने के बाद उन्हें एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से एक विशिष्ट सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी। इसके बाद जब गणनाकर्मी मौके पर आएंगे, तो वे केवल पहले से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे समय की बचत होगी और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक ललित जैन ने बताया कि आगामी जनगणना के अंतर्गत लगभग 50,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को 203 ग्रामीण और शहरी चार्जों में कवर किया जाएगा। इस विशाल कार्य के लिए 50,000 से अधिक गणनाकर्मी और 8,000 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इनके प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर की चरणबद्ध प्रशिक्षण व्यवस्था अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने तथा कार्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार ने दोनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर 25,000 का मानदेय देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि गणनाकर्मी एक विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत निजी मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया जाएगा। यह एप्लिकेशन ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा, ताकि दूर-दराज़ और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य बाधित न हो। नेटवर्क उपलब्ध होते ही डाटा स्वतः सिंक्रोनाइज़ हो जाएगा। यह मोबाइल एप्लिकेशन एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, जिसके लिए न्यूनतम ऑपरेटिंग सिस्टम, रैम और स्टोरेज की शर्तें निर्धारित की गई हैं। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तकनीक-आधारित डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी की जाएगी।
इस दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में जिला जनगणना समन्वय समिति गठित की जाएगी। राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जन संपर्क जैसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। आमजन में विश्वास और सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं की जाएगी।
सम्मेलन के दौरान खास तौर से जनगणना के लिए तैयार की गई रागनी ‘जनगणना बुनियाद देश की, लोकतंत्र की है पहचान’ भी सुनाई गई।
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