नई पहल: हरियाणा में 9-12 की छात्राओं को स्कूलों में दिया जाएगा प्रोटीन और कैल्शिम से भरपूर भोजन
punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 03:15 PM (IST)
भिवानी (अशोक भारद्वाज) : हरियााणा में स्कूली बच्चियों के संपूर्ण विकास के लिए उनके शरीर के पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के चलते मुख्यमंत्री मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गई है। जिसके तहत अब 9वीं से 12वीं तक कक्षा में पढ़ने वाली बेटियों को भी दूध व पोषण युक्त चॉकलेट दी जा रही है। जिससे बच्चों के शरीर का संपूर्ण पोषण हो सकें। जहां पहले 8वीं कक्षा तक के बच्चों को ही स्कूल समय में मिड डे मील की सुविधा थी तथा 9वीं से 12वीं कक्षा तक की बेटियों के लिए भोजन संबंधी कोई व्यवस्था नहीं थी। अब राज्य सरकार ने इसे विस्तृत रूप देते हुए 9 वीं से 12वीं कक्षा तक की बेटियों को भी पोषक तत्व उपलब्ध करवाने के तहत यह योजना शुरू की है।
इस योजना के तहत हरियाण सरकार ने विशेष बजट का भी प्रावधान किया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुई के मध्याह्न यानी एमडीएम प्रभारी डा. सुधा बुंदेला ने बताया कि यह स्कीम हरियाण सरकार द्वारा स्कूली बेटियों के पोषण को लेकर चलाई है। जिसे अब बढ़ाकर 9वीं से 12वीं कक्षाओं में भी लागू कर दिया है। 9वीं से 12वीं कक्षा के बेटियों के लिए शुरू की गई इस पोषण योजना के तहत स्कूली बच्चियों को चॉकलेट बार दी जाती है। जो कि प्रोटीन से भरपूर है, जिसमें ज्वार व मूंगफली इत्यादि पोषक तत्व होते है। वहीं एक दिन उन्हें दूध देना होता है जिसके दूध के पैकेट भी स्कूलों में पहुंचाए गए है। इन दूध के पाऊडर के पैकेट को बच्चियों को प्रतिदिन दूसरे दिन पिलाया जाता है। स्कूलों में बच्चियों के लिए एक दिन दूध, दूसरे दिन चॉकलेट बार क्रमवार रूप से पोषण के लिए उपलब्ध करवाए जाते है। यह योजना 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। साथ ही बड़ी कक्षा के बच्चों ड्राप्टआऊट ना हो, उसका लाभ भी मिल रहा है तथा स्कूली बच्चें भोजन के अभाव में स्कूल में ही बने रहते है।
वहीं अध्यापकों ने बताया कि ये चॉकेट प्रोटीन युक्त होगी। चॉकलेट और दूध बच्चों को प्रतिदिन वार के हिसाब से देनी होगी। यानी की एक दिन दूध तो दूसरे दिन चॉकलेट खिलानी होगी। सरकार ये नई व्यवस्था छात्राओं को काफ़ी पसंद आ रही है। छात्राओं का कहना है कि इसमें प्रोटीन और कैल्सियम है जो हमारे लिए काफ़ी जरूरी है। छात्राओं ने बताया कि इस चॉकलेट बार का अच्छा स्वाद है तथा उनके शरीर को भी पोषण प्रदान करता है तथा दूध पीकर भी वे काफी अच्छा महसूस करती है। इससे उन्हें दोपहर के भोजन की पूर्ति हो जाती है तथा भोजन ग्रहण करने के लिए छुट्टी के समय घर जाने की आवश्यकता नहीं होती।