कार में जलने वाले व्यापारी को पुुलिस ने किया गिरफ्तार, खुद ही रचा था पूरा षड्यंत्र

punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2020 - 08:52 PM (IST)

हांसी (संदीप सैनी): सोमवार देर रात करीब 12 बजे लूटपाट के बाद कार में ही जिस राममेहर को जिंदा जला दिए जाने का मामला सामने आया था। वहीं राम मेहर घटना के 48 घंटे बाद ही पुलिस के गिरफ्त में आ चुका है। जबकि राममेहर की कार में एक लाश भी जली अवस्था में पाई गई थी। जिसके बाद खबर सामने आई कि भाटला-डाटा हाईवे पर बदमाशों ने 11 लाख की लूट के बाद राममेहर व्यापारी को जिंदा जला दिया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए और आनन-फानन में जांच शुरू की गई, जिसमें पुलिस के हाथ कुछ ऐसा सुराग लगा कि घटना के 48 घंटे बाद ही पुलिस ने पूरी वारदात का खुलासा करते हुए राममेहर को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। ये साफ है कि 10वीं पास राममेहर ने पूरी प्लानिंग के साथ ये कहानी रची थी।

1.60 करोड़ का बीमा करवाया था
राममेहर के कुल 1.60 करोड़ रुपये के दो बीमे भी थे। जिसमें एक 50 लाख रुपये का बीमा कुछ समय पूर्व में ही करवाया था। लेकिन एसपी का कहना है कि ऐसी संभावना कम है कि बीमा क्लेम के लिए ऐसा किया गया हो। 

गुरुवार रात को ही बिलासपुर पहुंचा था राममेहर
वारदात को अंजाम देेेने के बाद शातिर राममेहर मौका-ए-वारदात से काफी दूर हांसी की तरफ पैदल चलकर आया था। यहां उसने एक कार का इंतजाम कर रखा था और इसी कार से यहां से यूपी की तरफ रवाना हुआ था। राममेहर पूरी प्लानिंग से काम में जुटा था और अपने मोबाइल व अन्य सामान को भी कार में ही जला दिया था। नया मोबाइल पहले से ही खरीद रखा था और किसी अन्य की आईडी पर नंबर भी ले रखा था। पुलिस के हाथ सुराग लगते ही उसने पीछा करना शुरु कर दिया। गुरुवार रात को वह बिलासपुर पहुंचा और वहां जाकर एक लॉज के अंदर कमरा बुक किया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। 

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ऐसे पहुंची पुलिस राममेह तक 
सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों से काफी अहम सुराग जुटा लिए थे। गाड़ी को हैंडब्रेक लगा हुआ था और सड़क के बिल्कुल साइड में कार खड़ी थी। पुलिस पहले दिन से ही लूट के एंगल से हटकर काम कर रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक साइबर टीम ने इस मामले को सुलझाने में अहम योगदान दिया। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस राममेहर तक पहुंच गई। राममेहर सिर्फ इंटरनेट से इस्तेमाल कर रहा था। 

हांसी पहुंचने के बाद राममेहर से होगी पूछताछ
हांसी के एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि 11 लाख रुपये लूटकर व्यापारी को जिंदा जला देने का मामला पूरी तरह फर्जी था। व्यापारी ने खुद के मरने की कहानी रची थी, लेकिन उसे ये कहानी क्यों रची इस बारे में राममेहर के हांसी पहुंचने के बाद पूछताछ पता करेगी। पुलिस के लिए ये जानना भी अहम रहेगा कि आखिर कार में राममेहर द्वारा किसे जलाया गया था। राममेहर के हांसी पहुंचने के बाद जो पूछताछ में सामने आएगा उसके आधार पर ही एफआइआर में धाराएं चेंज की जाएंगी।


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Isha

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