अब डिजिटल होगी हरियाणा के वीआईपी विमानों की मेंटेनेंस, पायलटों की ड्यूटी पर भी रहेगी सॉफ्टवेयर की नजर
punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 03:54 PM (IST)
चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा सरकार अपने वीआईपी हेलीकॉप्टरों और विमानों के संचालन तथा तकनीकी रखरखाव की व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग ने विमानों की मेंटेनेंस, क्रू प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित करने के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
प्रस्तावित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सरकार के तीन प्रमुख वीआईपी हेलीकॉप्टरों और फ्यूजन एयरप्लेन के प्रबंधन में किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विमानन सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ तकनीकी रखरखाव और कर्मचारियों की ड्यूटी से संबंधित जानकारियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
तकनीकी रखरखाव और कलपुर्जों का रिकॉर्ड होगा डिजिटल
विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए उनके इंजन, विभिन्न तकनीकी कंपोनेंट्स और कलपुर्जों की स्थिति तथा निर्धारित उपयोग अवधि का रिकॉर्ड रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। नई व्यवस्था के तहत इन सभी पहलुओं की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी। इससे निर्धारित समय पर मेंटेनेंस की योजना बनाने और तकनीकी जरूरतों की पहले से पहचान करने में मदद मिलेगी।
मैनुअल रिकॉर्ड व्यवस्था में जानकारी को अपडेट रखने, उसका मिलान करने और समय पर उपलब्ध कराने में आने वाली चुनौतियों को कम करना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। ऑटोमेटेड ट्रैकिंग से रखरखाव संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई की योजना बनाने में सुविधा होगी।
पायलटों की ड्यूटी और आराम के समय पर भी रहेगी नजर
प्रस्तावित सॉफ्टवेयर के माध्यम से पायलटों के उड़ान समय, ड्यूटी अवधि और अनिवार्य विश्राम समय का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से रखा जाएगा। यदि किसी पायलट की ड्यूटी निर्धारित सीमा के करीब पहुंचती है या नियमों के उल्लंघन की आशंका होती है, तो सिस्टम पहले से अलर्ट जारी करने में सक्षम होगा। इसके अलावा पायलटों की छुट्टियों, ऑन-कॉल ड्यूटी और क्रू शेड्यूलिंग का प्रबंधन भी डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इससे ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ने और उपलब्ध क्रू की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
डीजीसीए के नियमों के अनुपालन पर रहेगा जोर
विमानों की उड़ान योग्यता, तकनीकी रखरखाव और क्रू प्रबंधन से जुड़े नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों का पालन विमानन सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित डिजिटल सिस्टम के जरिए संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और आवश्यक जानकारियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
सॉफ्टवेयर में डेटा की सुरक्षा और बैकअप की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी। सरकार की योजना के अनुसार, संबंधित डेटा पर हरियाणा सरकार का स्वामित्व और उसका सुरक्षित बैकअप सुनिश्चित किया जाएगा।
डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद वीआईपी हेलीकॉप्टरों और विमानों के तकनीकी रखरखाव, क्रू प्रबंधन तथा सुरक्षा संबंधी रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित ढंग से संभालने में सहायता मिलने की उम्मीद है। फिलहाल विभाग ने सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। इसके लागू होने से प्रदेश के सरकारी विमानन बेड़े के प्रबंधन में तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।