हरियाणा: अगले 3 दिनों तक रहेगा मौसम खराब, 5 जनवरी के बाद कोहरा पडऩे के साथ बढ़ेगी ठंड

1/1/2021 6:51:40 PM

चंडीगढ़ (धरणी): मौसम विभाग के निदेशक सुरिन्द्र पाल के अनुसार अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो हरियाणा के पश्चिमी हिस्सो हिसार, नारनौल और फतेहबद में तापमान शून्य से कम है, जबकि हिसार में आज शून्य से कम रिकॉर्ड किया गया है। वहीं पंजाब के पश्चिमी हिस्सों, बठिंडा जैसे इलाके में भी तापमान शून्य से कम है। इसके अलावा पंजाब के कई हिस्सों के अलावा नेशनल हाई वे 21 पर फॉग के चलते विजिबिलिटी काफी कम है, जबकि स्टेट हाईवे पर आजकल सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम है, जबकि 2 जनवरी से इसमें बदलाव आएगा।

पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण हरियाणा से शुरू होकर हरियाणा व पंजाब के दूसरे हिस्सों में प्रवेश करेगा, जबकि इसके बाद 3 और 4 जनवरी को अच्छी बारिश भी होगी जबकि कई जगह बिजली गरजने के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके अलावा पहाड़ों में कल रात से बर्फबारी होगी जबकि 3 और 4 जनवरी को ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ेगी। कुल मिलाकर अगले तीन दिन तक मौसम खराब रहेगा।



मैदानी इलाकों में बारिश व पहाड़ी इलाको में बर्फबारी होगी। इसमें महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि इन दिनों में विजबिलिटी ठीक रहेगी, जबकि 5 जनवरी के बाद एक बार फिर से कोहरा पड़ सकता है, जिसके बाद ठंड बढ़ेगी। सुरेंद्र पाल ने बताया कि 3 और 4 जनवरी को शिमला और उसके साथ वाले इलाकों में काफी बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में जबरदस्त बर्फ बारी होगी ऐसी संभावना है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।



उन्होंने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष न्यूनतम तापमान में अंतर है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष न्यूतम तापमान इतने कम नहीं थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इस समय तक काफी घनी धुंध रही थी जबकि इस वर्ष यह अभी पिछले 48 से 72 घण्टों में देखने को मिल रही है, जबकि इस वर्ष एयर क्वालिटी भी पिछले साल से बेहतर है।



मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि चंडीगढ़ और स्टेट हाई वेज पर अभी अगले 24 घण्टे कोहरा देखने को मिलेगा, जबकि उसके बाद बारिश के चलते कोहरा कम होगा। उन्होंने बताया कि 3 और 4 जनवरी को बारिश पंजाब और हरियाणा के लगभग सभी हिस्सों में होगी जबकि ओलावृष्टि नार्थ वेस्ट पंजाब सहित नार्थ वेस्ट हरियाणा के अलावा साउथ ईस्ट हरियाणा में भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एयर क्वालिटी ठीक न होने के चलते न्यूनतम तापमान इतना नहीं था, जबकि इस वर्ष एयर क्वालिटी पिछले वर्ष से ठीक होने की वजह से न्यूनतम तापमान कम है।


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Shivam

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